महबूबा बोलीं, हमने सैनिक कालोनी के लिए नहीं दी जमीन, उमर ने दिखाए सबूत
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जम्मू कश्मीर में सैनिक कालोनी के लिए आवंटित की गई जमीन को लेकर पेंच लगातार फंसता चला जा रहा है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कश्मीर में सैनिक कॉलोनी को लेकर पैदा विवाद को अनावश्यक करार देते हुए कहा कि हमने कोई जमीन नहीं दी है और न ही आवंटित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य के गृह विभाग के प्रस्ताव की कॉपी दिखाई है जिसमें श्रीनगर में पूर्व सैनिकों के लिए सैनिक कॉलोनी स्थापित करने की बात कही गई है। उमर अब्दुल्ला ने ऑर्डर की कॉपी को ट्वीट करते हुए कहा कि 'गृह मंत्रालय ने संशोधित प्रस्ताव भेजा है।' गृह मंत्रालय खुद महूबूबा मुफ्ती के पास है। ऐसे में झूठ कौन बोल रहा है?
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर में सैनिक कालोनी बनाने के लिए सरकार ने कोई जमीन नहीं दी है। लेकिन एक बात ध्यान में रखिए, जिस तरह से कुछ लोग कह रहे हैं कि इस कॉलोनी में गैर रियासती फौजियों को बसाया जाएगा, ऐसा कुछ नहीं हो सकता। जिस कालोनी को लेकर शोर मच रहा है, उसमें कोई गैर रियासती नागरिक नहीं बस सकता।"Revised proposal sent to Home Department". The Home Department is headed by @mehbooba_mufti so who is lying here? https://t.co/BwJGNHlXke
विज्ञापन विज्ञापन— Omar Abdullah (@abdullah_omar) May 8, 2016
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उमर द्वारा कि गए ट्वीट का जबाव देते हुए कहा कि इस मौके पर मैं उमर साहब से भी कहना चाहूंगी कि वह समझदारी दिखाएं। वह भी रियासत के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्हें सियासी फायदे के लिए झूठ नहीं बोलना चाहिए। सैनिक कॉलोनी के मुद्दे पर उन्होंने जो दस्तावेज पेश किया है, मैं उस पर सवाल नहीं उठाती। लेकिन वह हमारी सरकार के दौर का नहीं है।If you have the guts & truly believe this image is fake file a case against me in the nearest police station TODAY!! pic.twitter.com/rNGQEOegox
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) May 9, 2016
रविवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा था कि कामकाजी वर्ग तथा अन्य प्रोफेशनल की ही तरह राज्य के पूर्व सैनिकों ने भी हाउसिंग कालोनी के लिए जमीन की मांग की है, लेकिन अब तक घाटी में कहीं भी इस प्रकार के प्रोजेक्ट के लिए जमीन आवंटित नहीं की गई है। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह पीडीपी-भाजपा के एजेंडा आफ एलायंस में भी अच्छी तरह से वर्णित है।