{"_id":"573056db4f1c1b4c1291985c","slug":"sainik-colony-row-omar-offers-proof","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"महबूबा बोलीं, हमने सैनिक कालोनी के लिए नहीं दी जमीन, उमर ने दिखाए सबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महबूबा बोलीं, हमने सैनिक कालोनी के लिए नहीं दी जमीन, उमर ने दिखाए सबूत
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 09 May 2016 03:44 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : Amar Ujala
जम्मू कश्मीर में सैनिक कालोनी के लिए आवंटित की गई जमीन को लेकर पेंच लगातार फंसता चला जा रहा है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कश्मीर में सैनिक कॉलोनी को लेकर पैदा विवाद को अनावश्यक करार देते हुए कहा कि हमने कोई जमीन नहीं दी है और न ही आवंटित करने की योजना है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य के गृह विभाग के प्रस्ताव की कॉपी दिखाई है जिसमें श्रीनगर में पूर्व सैनिकों के लिए सैनिक कॉलोनी स्थापित करने की बात कही गई है। उमर अब्दुल्ला ने ऑर्डर की कॉपी को ट्वीट करते हुए कहा कि 'गृह मंत्रालय ने संशोधित प्रस्ताव भेजा है।' गृह मंत्रालय खुद महूबूबा मुफ्ती के पास है। ऐसे में झूठ कौन बोल रहा है?
विज्ञापन
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर में सैनिक कालोनी बनाने के लिए सरकार ने कोई जमीन नहीं दी है। लेकिन एक बात ध्यान में रखिए, जिस तरह से कुछ लोग कह रहे हैं कि इस कॉलोनी में गैर रियासती फौजियों को बसाया जाएगा, ऐसा कुछ नहीं हो सकता। जिस कालोनी को लेकर शोर मच रहा है, उसमें कोई गैर रियासती नागरिक नहीं बस सकता।"Revised proposal sent to Home Department". The Home Department is headed by @mehbooba_mufti so who is lying here? https://t.co/BwJGNHlXke
विज्ञापन विज्ञापन— Omar Abdullah (@abdullah_omar) May 8, 2016
Trending Videos
24 घंटे में मेरे उपर केस दर्ज करवाएं
उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं।
- फोटो : PTI
उमर ने महबूबा मुफ्ती के चैलेंज करते हुए कहा कि, 'अगर उनको लगता है कि यह फोटो गलत और फर्जी है तो आप नजदीकी पुलिस स्टेशन मेरे खिलाफ केस दर्ज करवा सकतीं हैं। अगर आप अगले 24 घंटे में मेरे उपर केस दर्ज नहीं करवातीं हैं तो लोग समझ जाएंगे कि कौन झूठ बोल रहा है?'
रविवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा था कि कामकाजी वर्ग तथा अन्य प्रोफेशनल की ही तरह राज्य के पूर्व सैनिकों ने भी हाउसिंग कालोनी के लिए जमीन की मांग की है, लेकिन अब तक घाटी में कहीं भी इस प्रकार के प्रोजेक्ट के लिए जमीन आवंटित नहीं की गई है। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह पीडीपी-भाजपा के एजेंडा आफ एलायंस में भी अच्छी तरह से वर्णित है।
उमर द्वारा कि गए ट्वीट का जबाव देते हुए कहा कि इस मौके पर मैं उमर साहब से भी कहना चाहूंगी कि वह समझदारी दिखाएं। वह भी रियासत के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्हें सियासी फायदे के लिए झूठ नहीं बोलना चाहिए। सैनिक कॉलोनी के मुद्दे पर उन्होंने जो दस्तावेज पेश किया है, मैं उस पर सवाल नहीं उठाती। लेकिन वह हमारी सरकार के दौर का नहीं है।If you have the guts & truly believe this image is fake file a case against me in the nearest police station TODAY!! pic.twitter.com/rNGQEOegox
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) May 9, 2016
रविवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा था कि कामकाजी वर्ग तथा अन्य प्रोफेशनल की ही तरह राज्य के पूर्व सैनिकों ने भी हाउसिंग कालोनी के लिए जमीन की मांग की है, लेकिन अब तक घाटी में कहीं भी इस प्रकार के प्रोजेक्ट के लिए जमीन आवंटित नहीं की गई है। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह पीडीपी-भाजपा के एजेंडा आफ एलायंस में भी अच्छी तरह से वर्णित है।