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यात्री वाहनों की कमीं के कारण सीमांवर्ती क्षेत्रों के लोग परेशांन
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सुंदरबनी। उपजिले के सीमावर्ती क्षेत्र के दर्जनों गांवों को सुंदरबनी नगर से जोड़ने वाले सड़क मार्गों पर यात्री वाहनों की कमी के कारण लोगों को आवाजाही करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाले सड़क मार्गों पर सिर्फ मिनी बसें ही चलने के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि मिनी बसों की संख्या कम हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें यातायात के लिए वाहनों की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
इस संबंध में सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों ओम प्रकाश, नरेश कुमार, जिया लाल, नसीब सिंह, कर्ण सिंह आदि का कहना है कि उपजिला के सीमावर्ती क्षेत्रों ठंगर, भलवाल मिनका, तथा ढोक बनियाड सूफा जाने वाले मार्गों पर सिर्फ मिनी बसें ही चलती हैं, लेकिन विवाह शादियों के सीजन तथा अन्य त्योहार पर यह मिनी बसें अक्सर स्पेशल बुकिंग पर चली जाती हैं। इस कारण लोगों को कई बार 20 से 25 किलोमीटर का सफर तय करके सुंदरबनी तथा अन्य जगहों पर पहुंचना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यात्री वाहन नहीं मिलने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूलों तथा कॉलेजों के छात्रों को होती है। क्योंकि वह समय पर स्कूलों तथा कॉलेजों में नहीं पहुंच पाते हैं। उन्होंने यातायात विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई कि उपजिला के सीमावर्ती क्षेत्रों को सुंदरबनी से जोड़ने वाले मार्गों पर नियमित बसें चलाकर लोगों की परेशानियों को दूर किया जाए।
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इस संबंध में सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों ओम प्रकाश, नरेश कुमार, जिया लाल, नसीब सिंह, कर्ण सिंह आदि का कहना है कि उपजिला के सीमावर्ती क्षेत्रों ठंगर, भलवाल मिनका, तथा ढोक बनियाड सूफा जाने वाले मार्गों पर सिर्फ मिनी बसें ही चलती हैं, लेकिन विवाह शादियों के सीजन तथा अन्य त्योहार पर यह मिनी बसें अक्सर स्पेशल बुकिंग पर चली जाती हैं। इस कारण लोगों को कई बार 20 से 25 किलोमीटर का सफर तय करके सुंदरबनी तथा अन्य जगहों पर पहुंचना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यात्री वाहन नहीं मिलने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूलों तथा कॉलेजों के छात्रों को होती है। क्योंकि वह समय पर स्कूलों तथा कॉलेजों में नहीं पहुंच पाते हैं। उन्होंने यातायात विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई कि उपजिला के सीमावर्ती क्षेत्रों को सुंदरबनी से जोड़ने वाले मार्गों पर नियमित बसें चलाकर लोगों की परेशानियों को दूर किया जाए।
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