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बीजीएसबीयू ने मनाया विश्व पर्यटन दिवस
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बीजीएसबीयू ने मनाया विश्व पर्यटन दिवस
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राजोरी। सेंटर फॉर हॉस्पिटलिटी एंड टूरिज्म बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय (बीजीएसबीयू) ने विश्व पर्यटन दिवस मनाया। इस अवसर पर समावेशी विकास के लिए पर्यटन विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। कुलपति प्रोफेसर अकबर मसूद ने विश्व पर्यटन दिवस मनाने के लिए केंद्र के प्रयास की सराहना की। कहा कि विश्व पर्यटन दिवस के आयोजन से पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्य और सतत विकास लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए पर्यटन द्वारा किए जा सकने वाले योगदान के बारे में जागरूकता को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने उल्लेख किया कि पीर पंजाल क्षेत्र में विश्व पर्यटन मानचित्र पर सबसे अधिक मांग वाले गंतव्य के रूप में उभरने की विशाल क्षमता है और समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर रोहित रतन, एसोसिएट समन्वयक और प्रभारी पश्चिमी हिमालय कार्यक्रम डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया ने मुख्य भाषण दिया। कहा कि पर्यटन से लोगों और ग्रह को बहुत लाभ हो सकता है। यात्रा और विभिन्न स्थानों पर जाने से क्रॉस-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिल सकता है। नौकरियां सृजित हो सकती हैं, संरक्षण प्रयासों का समर्थन हो सकता है और दुनिया भर में कई समुदायों और देशों को आर्थिक रूप से समर्थन मिल सकता है।
इस दौरान डॉ. दानिश इकबाल रैना ने स्थायी पर्यटन विकास में स्थानीय समुदायों की भूमिका पर प्रकाश डाला। एमबीए हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म के तीसरे सेमेस्टर की छात्रा बाजीला शौकत ने संचालन किया।
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उन्होंने उल्लेख किया कि पीर पंजाल क्षेत्र में विश्व पर्यटन मानचित्र पर सबसे अधिक मांग वाले गंतव्य के रूप में उभरने की विशाल क्षमता है और समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर रोहित रतन, एसोसिएट समन्वयक और प्रभारी पश्चिमी हिमालय कार्यक्रम डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया ने मुख्य भाषण दिया। कहा कि पर्यटन से लोगों और ग्रह को बहुत लाभ हो सकता है। यात्रा और विभिन्न स्थानों पर जाने से क्रॉस-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिल सकता है। नौकरियां सृजित हो सकती हैं, संरक्षण प्रयासों का समर्थन हो सकता है और दुनिया भर में कई समुदायों और देशों को आर्थिक रूप से समर्थन मिल सकता है।
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इस दौरान डॉ. दानिश इकबाल रैना ने स्थायी पर्यटन विकास में स्थानीय समुदायों की भूमिका पर प्रकाश डाला। एमबीए हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म के तीसरे सेमेस्टर की छात्रा बाजीला शौकत ने संचालन किया।
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