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तीन मासूम बहनों की अंतिम विदाई पर छलक उठीं आंखें
राजोरी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2016 01:14 AM IST
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बुद्धल तहसील के फलनी गांव में खौलता पानी गिरने और करंट लगने से मौत का शिकार हुई तीन सगी मासूम बहनों के शव सोमवार को सुपुर्द-ए-खाक किए गए। जनाजे में तहसील भर से बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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तीनों मासूम बहनों के शव रविवार-सोमवार रात को ही फलनी में पहुंचा दिए गए थे। रात से ही उनके घर में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। मृतकों के माता-पिता को भी झुलसे हालत में ही घर ले जाया गया। नम आंखों से सभी ने तीनों बहनों को आखिरी विदाई दी।
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मृतकों के माता-पिता बार-बार आपा खो रहे थे। जनाजे और सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के बाद भी बच्चियों की मां कई बार बदहवास होकर बेहोश हुई। मां ने अपने दोनों झुलसे हाथों से बेटियों के शवों पर मिट्टी डाली।
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इस दौरान भी वह वहां बेहोश होकर गिर गई। घर के सदस्यों ने किसी तरह से उन्हें संभाला। दर्दनाक हादसे से पूरे फलनी क्षेत्र में मातम का माहौल बना हुआ है। क्षेत्र का बाजार बंद रहा।
गौरतलब है कि रविवार की तड़के करीब चार बजे मोहम्मद फारूक का पूरा परिवार खौलते पानी और करंट की चपेट में आ गया था। हादसे में तीन मासूम बहनें आशिना कौसर, असमा कौसर और उजमा फारूक की मौत हो गई थी।
उनकी मां दिल फिरोज और पिता को प्राथमिक उपचार के बाद बुद्धल से जिला अस्पताल और वहां यहां से जीएमसी जम्मू रेफर किया गया था। एक मासूम ने रास्ते में और दो ने जीएमसी में दम तोड़ दिया था।