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अभी भी सरकारी मदद की आस
ब्यूरो/अमर उजाला,राजोरी
Updated Thu, 02 Oct 2014 01:20 AM IST
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सितंबर माह के पहले हफ्ते में मूसलाधार बारिश और बाढ़ के रूप में प्रकृति के कहर के बाद अभी तक पीड़ितों को सरकार की मदद का इंतजार करना पड़ रहा है। एक महीना बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवारों को मुफ्त राशन नहीं मिला है। मुख्य मंत्री द्वारा राज्य के सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों को छह महीने का मुफ्त राशन प्रदान करने की बात कही गई थी, लेकिन राजोरी जिले में अभी तक बाढ़ पीड़ित परिवार सरकार की घोषणा के सच होने का इंतजार कर रहे हैं।
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जिले के थन्नामंडी, बुद्धल, कोटरंका, मंजाकोट और कालाकोट आदि तहसीलों के बाढ़ पीड़ित परिवारों को अभी तक कोई राशन नहीं मिला है। बुद्धल के सरपंच बदर दीन के अनुसार क्षेत्र में एक भी बाढ़ पीड़ित परिवार को मुफ्त राशन नहीं मिला है। थन्नामंडी के पंगाई और मंगोटा के सरपंचों की बात मानें तो अभी तक बाढ़ पीड़ित परिवार किसी गैर सरकारी संस्था या सेना द्वारा प्रदान की गई राहत सामग्री से ही गुजारा कर रहे हैं।
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वहीं अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी बाढ़ पीड़ित परिवार अभी तक सरकार और जिला प्रशासन की उपेक्षा की मार झेल रहे हैं। वहीं इस बारे में जब उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सहायक निदेशक केवल कृष्ण से बात की गई तो उन्होंने सारी गलती विभिन्न तहसीलों के तहसीलदारों और एसडीएम पर डाल कर अपना पल्ला झाड़ लिया।
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सहायक निदेशक के अनुसार, राजस्व विभाग को पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करनी थी, लेकिन अभी तक उनके पास कोई सूची नहीं पहुंची है। वहीं उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि सीएपीडी विभाग के पास राशन उपलब्ध है, लेकिन राजस्व विभाग द्वारा पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करने के बाद सबको मुफ्त राशन दिया जाएगा।