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राजोरी की कोटरंका तहसील की ढोको में भारी बर्फबारी व वर्षा से हालत नाजुक
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राजोरी की कोटरंका तहसील की ढोको में भारी बर्फबारी
- फोटो : RAJOURI
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राजोरी। कोटरंका तहसील के पीर पंजाल के पहाड़ों पर स्थित ढोकोें में मंगलवार को भारी बर्फबारी होने से हालात नाजुक बन गए, और बक्करवाल समुदाय के कई परिवारों के बर्फबारी में फंसने की आशंका बनी हुई है। पहले भारी बारिश और बाद में बर्फबारी और बिजली गिरने से और कड़ाके की ठंड से कई जानवरों की मौत की खबर भी आ रही है।
जानकारी के अनुसार तहसील की ऊपरी ढोक मुंडा गाला मर्ग, थालीन गली, रिशबगला, फोलीवाला, डणा स्रोत और बड़नाड मे भारी बर्फबारी के बीच बक्करवाल समुदाय के कई परिवारों के फंसने की आशंका जताई जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि उक्त ढोकों से होकर बक्करवाल समुदाय के लोग पशुओं के साथ कश्मीर घाटी की ओर जाते हैं। इस वर्ष बेमौसम बारिश और भारी बफ़ॱरबारी के चलते 20 परिवारों के फंसे होने की आशंका है। उक्त ढोकों में बक्करवाल समुदाय के परिवारों से संपर्क कट चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बर्फ में फंसे परिवारों के पास खाने पीने की किल्ल्त होगी, उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
पूर्व मंत्री चौधरी जुल्फकार अली ने बताया कि कोटरंका तहसील की ऊपरी ढोकों में कई परिवारों के फंसे होने और उनके पशुओं के मरने के समाचार हैं। पूर्व मंत्री ने जिला प्रशासन, उपराज्यपाल प्रशासन और सेना से अपील करते हुए कहा कि ढोकों में फंसे परिवारों से संपर्क कर उनकी हर संभव मदद की जाए, ताकि किसी की जान का नुकसान न हो। बताया जा रहा है कि बिजली गिरने और कड़ाके की ठंड से दर्जनों पशुओं की मौत हुई है।
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जानकारी के अनुसार तहसील की ऊपरी ढोक मुंडा गाला मर्ग, थालीन गली, रिशबगला, फोलीवाला, डणा स्रोत और बड़नाड मे भारी बर्फबारी के बीच बक्करवाल समुदाय के कई परिवारों के फंसने की आशंका जताई जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि उक्त ढोकों से होकर बक्करवाल समुदाय के लोग पशुओं के साथ कश्मीर घाटी की ओर जाते हैं। इस वर्ष बेमौसम बारिश और भारी बफ़ॱरबारी के चलते 20 परिवारों के फंसे होने की आशंका है। उक्त ढोकों में बक्करवाल समुदाय के परिवारों से संपर्क कट चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बर्फ में फंसे परिवारों के पास खाने पीने की किल्ल्त होगी, उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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पूर्व मंत्री चौधरी जुल्फकार अली ने बताया कि कोटरंका तहसील की ऊपरी ढोकों में कई परिवारों के फंसे होने और उनके पशुओं के मरने के समाचार हैं। पूर्व मंत्री ने जिला प्रशासन, उपराज्यपाल प्रशासन और सेना से अपील करते हुए कहा कि ढोकों में फंसे परिवारों से संपर्क कर उनकी हर संभव मदद की जाए, ताकि किसी की जान का नुकसान न हो। बताया जा रहा है कि बिजली गिरने और कड़ाके की ठंड से दर्जनों पशुओं की मौत हुई है।
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