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Rajouri News: प्रसव के बाद हाथ से छूटने से नवजात की मौत, डॉक्टर सस्पेंड
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राजोरी। राजोेरी जिले के नौशेरा में उप जिला अस्पताल में बुधवार दोपहर को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। परिवार ने प्रसव के दौरान शिशु की मौत के लिए डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि प्रसव के बाद डॉक्टर के हाथ से बच्चा छूटने से मौत हुई है। इस पर डीसी के आदेश पर सीएमओ ने आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर जांच कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी को जल्द रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
माता-पिता ने आरोप लगाया कि एसडीएच नौशेरा के कंसल्टेंट गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. बाबा सिंह के हाथों से फिसलने के बाद नवजात की मौत हो गई। हालांकि, आधिकारिक संस्करण के अनुसार शिशु की मौत अंतर्गर्भाशयी मौत (गर्भ में मृत्यु) पॉलीहाइड्रामिनिस (अत्यधिक पानी) और गर्भ के गले में गर्भनाल के तीन चक्करों के कारण हुई है।
परिवार के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन और लापरवाही के आरोपों के बाद डिप्टी कमिश्नर राजोेरी ओम प्रकाश भगत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजोेरी को डॉक्टर को निलंबित करने और आरोपों की जांच शुरू करने का निर्देश दिया।
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डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर सीएमओ डॉ. एमएल राणा ने कथित आरोपों की जांच के नतीजे आने तक डॉक्टर बाबा सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. बाबा राजोेरी स्थित सीएमओ कार्यालय में अटैच रहेंगे। इस बीच सीएमओ ने डॉ. सुरेश कपाही (सलाहकार सीएचसी कालाकोट) को अध्यक्ष बनाकर एक जांच दल भी गठित किया है। इसमें डॉ. नीरू सलाहकार एसडीएच सुंदरबनी और डॉ. बिलाल भट सलाहकार सर्जरी एसडीएच नौशेरा को शामिल किया गया है।
टीम को तुरंत जांच शुरू करने और 2 दिनों के भीतर शिशु की मौत के कारणों पर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। बीएमओ नौशेरा डॉ. इकबाल मलिक को तत्काल कदम उठाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। सीएमओ ने जांच आदेश में कहा गया है, यह कार्रवाई निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार करने के लिए की गई है। इस बीच, सूत्रों के मुताबिक नवजात के शव को जांच के लिए अस्पताल में रखा गया है।
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माता-पिता ने आरोप लगाया कि एसडीएच नौशेरा के कंसल्टेंट गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. बाबा सिंह के हाथों से फिसलने के बाद नवजात की मौत हो गई। हालांकि, आधिकारिक संस्करण के अनुसार शिशु की मौत अंतर्गर्भाशयी मौत (गर्भ में मृत्यु) पॉलीहाइड्रामिनिस (अत्यधिक पानी) और गर्भ के गले में गर्भनाल के तीन चक्करों के कारण हुई है।
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परिवार के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन और लापरवाही के आरोपों के बाद डिप्टी कमिश्नर राजोेरी ओम प्रकाश भगत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजोेरी को डॉक्टर को निलंबित करने और आरोपों की जांच शुरू करने का निर्देश दिया।
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डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर सीएमओ डॉ. एमएल राणा ने कथित आरोपों की जांच के नतीजे आने तक डॉक्टर बाबा सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. बाबा राजोेरी स्थित सीएमओ कार्यालय में अटैच रहेंगे। इस बीच सीएमओ ने डॉ. सुरेश कपाही (सलाहकार सीएचसी कालाकोट) को अध्यक्ष बनाकर एक जांच दल भी गठित किया है। इसमें डॉ. नीरू सलाहकार एसडीएच सुंदरबनी और डॉ. बिलाल भट सलाहकार सर्जरी एसडीएच नौशेरा को शामिल किया गया है।
टीम को तुरंत जांच शुरू करने और 2 दिनों के भीतर शिशु की मौत के कारणों पर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। बीएमओ नौशेरा डॉ. इकबाल मलिक को तत्काल कदम उठाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। सीएमओ ने जांच आदेश में कहा गया है, यह कार्रवाई निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार करने के लिए की गई है। इस बीच, सूत्रों के मुताबिक नवजात के शव को जांच के लिए अस्पताल में रखा गया है।