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नौशेरा की खबर
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नौशेरा। सेरी ब्लॉक की पंचायत डिंग के कलाल गांव में जलापूर्ति विभाग खेतों में पाइप लाइन डालने का काम करवा रहा है। लेकिन, विभाग ने इसका टेंडर जिस ठेकेदार को दिया है, वह काम में लीपापोती कर बस खत्म करने की फिराक में है। पाइप लाइन को जमीन के अंदर लगाना था, लेकिन इसे बाहर ही बिछा कर सिर्फ खानापूरी की जा रही है।
सरपंच रमेश चौधरी ने बताया कि इस मुद्दे पर विभाग से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ठेकेदार से पाइप को ढाई फुट गहरा जमीन में लगाने के लिए कहा गया है। हालांकि जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ भी होता नजर नहीं आता। रमेश चौधरी का कहना है कि कल को जमीन पर ट्रैक्टर चलेगा तो पाइप लाइन टूट जाएगी। इसके बाद विभाग किसानों पर लापरवाही का मुकदमा भी करेगा। बहुत से खेतों में पाइप लाइन ऊपर ही लगी हुई है। उनके किसान काम तो करते हैं, लेकिन उन्हें डर रहता है कि कहीं पाइप न टूट जाए। उन्हें बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यह सरासर गलत बात है। विभाग की तरफ से ठेकेदारों को पैसा पूरा मिलता है। ठेकेदार पैसे खा जाते हैं और थोड़ा सा पैसा खर्च पाइप ऊपर ही लगाकर चले जाते हैं।
सरकार से गुजारिश करते हुए रमेश चौधरी ने कहा कि ठेकेदारों के ऊपर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि काम अच्छे से हो। जिस तरह योजना बनी है और बजट तय हुआ है, उसके ही मुताबिक काम होना चाहिए। कलाल में हजारों करोड़ की योजनाएं बनीं, लेकिन कोई कामयाब न हो सकी और न ही कलाल के लोगों को पानी मिल सका। फिलहाल के लिए नया काम भी रुका रहेगा। जब तक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक काम शुरू नहीं होगा। लोगों से धोखाधड़ी नहीं करने देंगे।
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सरपंच रमेश चौधरी ने बताया कि इस मुद्दे पर विभाग से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ठेकेदार से पाइप को ढाई फुट गहरा जमीन में लगाने के लिए कहा गया है। हालांकि जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ भी होता नजर नहीं आता। रमेश चौधरी का कहना है कि कल को जमीन पर ट्रैक्टर चलेगा तो पाइप लाइन टूट जाएगी। इसके बाद विभाग किसानों पर लापरवाही का मुकदमा भी करेगा। बहुत से खेतों में पाइप लाइन ऊपर ही लगी हुई है। उनके किसान काम तो करते हैं, लेकिन उन्हें डर रहता है कि कहीं पाइप न टूट जाए। उन्हें बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यह सरासर गलत बात है। विभाग की तरफ से ठेकेदारों को पैसा पूरा मिलता है। ठेकेदार पैसे खा जाते हैं और थोड़ा सा पैसा खर्च पाइप ऊपर ही लगाकर चले जाते हैं।
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सरकार से गुजारिश करते हुए रमेश चौधरी ने कहा कि ठेकेदारों के ऊपर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि काम अच्छे से हो। जिस तरह योजना बनी है और बजट तय हुआ है, उसके ही मुताबिक काम होना चाहिए। कलाल में हजारों करोड़ की योजनाएं बनीं, लेकिन कोई कामयाब न हो सकी और न ही कलाल के लोगों को पानी मिल सका। फिलहाल के लिए नया काम भी रुका रहेगा। जब तक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक काम शुरू नहीं होगा। लोगों से धोखाधड़ी नहीं करने देंगे।
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