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डीजल व पेट्रोल की कीमतों में हुई, किराया नहीं नही किया गया कम
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नौशेरा। सरकार की तरफसे डीजल व पेट्रोल की कीमतों में कटौती की गई है। लेकिन यात्री वाहनों के किराए में कोई कमी नहीं की गई है। इस मामले में निजी वाहन चालकों की जोरजबरदस्ती चल रही है। उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थ के दाम में हुई बढ़ोतरी के अनुसार किराया बढ़ा दिया, लेकिन अब किराया कम नहीं कर रहे है।
जब भी पेट्रोल व डीजल की कीमत में बढ़ोतरी की जाती है चाहे वह दो या चार रुपये पर भी बढ़ता है तो यात्री वाहन किराए को बढ़ाने की मांग कर सरकार से मनमाना किराया करा देते हैं। अब जब पेट्रोल लगभग 11 और डीजल लगभग 16 रुपये कम किया गया है तो इसका लाभ आम गरीब जनता को मिलना चाहिए, अगर डीजल पेट्रोल के रेट में कमी की गई है, तो यात्री वाहनों के किराए में भी कमी होनी चाहिए।
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इस संबंध में संजीव दत्ता पार्षद वार्ड नंबर-13 ने यातायात विभाग से मांग करते हुए कहा कि हर किसी के पास निजी वाहन नहीं होते। आम जनता आज भी यात्री वाहनों में सफर करती है। चाहे वह यात्री बस मेटाडोर टाटा सूमो, टेंपो टाटा मैजिक आदि में सफर करते हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी की तो आम जनता के हित को देखते हुए यात्री वाहनों के किराए में कटौती होनी चाहिए, ताकि आम जनता को इसका लाभ मिले।
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नोवल शर्मा सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि अगर पेट्रोल व डीजल के दाम में कमी की गई है। ता यात्री किराए में भी कमी की जानी चाहिए। ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके। यात्री वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं। अगर पेट्रोल व डीजल की कीमत बढ़ती है तो यात्री वाहन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते हैं कि हमारा यात्री वाहनों का किराया बढ़ाया जाए। यातायात विभाग विभाग व प्रशासन आम जनता की समस्याओं को देखते हुए यात्री किराए में कटौती करे।
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गोपाल शर्मा समाज सुधार कमेटी सचिव ने कहा कि कोविड-19 के चलते सामाजिक दूरी बनाए रखने को लेकर यात्री वाहनों में किराए बढ़ाए गए, मगर अब यात्री वाहनों में यात्री बड़ी संख्या में बिठाए जाते हैं। इसके बावजूद भी यात्री वाहनों का किराया काम नहीं किया गया। जब पेट्रोल व डीजल के दाम अधिक थे तो यात्री वाहन किराया बढ़ाए जाने की मांग करते हैं। गरीब जनता के हित को देखते हुए राज्य सरकार जिला प्रशासन व परिवहन विभाग से मांग है कि यात्री वाहनों के किराए में कमी की जाए।
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जब भी पेट्रोल व डीजल की कीमत में बढ़ोतरी की जाती है चाहे वह दो या चार रुपये पर भी बढ़ता है तो यात्री वाहन किराए को बढ़ाने की मांग कर सरकार से मनमाना किराया करा देते हैं। अब जब पेट्रोल लगभग 11 और डीजल लगभग 16 रुपये कम किया गया है तो इसका लाभ आम गरीब जनता को मिलना चाहिए, अगर डीजल पेट्रोल के रेट में कमी की गई है, तो यात्री वाहनों के किराए में भी कमी होनी चाहिए।
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इस संबंध में संजीव दत्ता पार्षद वार्ड नंबर-13 ने यातायात विभाग से मांग करते हुए कहा कि हर किसी के पास निजी वाहन नहीं होते। आम जनता आज भी यात्री वाहनों में सफर करती है। चाहे वह यात्री बस मेटाडोर टाटा सूमो, टेंपो टाटा मैजिक आदि में सफर करते हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी की तो आम जनता के हित को देखते हुए यात्री वाहनों के किराए में कटौती होनी चाहिए, ताकि आम जनता को इसका लाभ मिले।
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नोवल शर्मा सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि अगर पेट्रोल व डीजल के दाम में कमी की गई है। ता यात्री किराए में भी कमी की जानी चाहिए। ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके। यात्री वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं। अगर पेट्रोल व डीजल की कीमत बढ़ती है तो यात्री वाहन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते हैं कि हमारा यात्री वाहनों का किराया बढ़ाया जाए। यातायात विभाग विभाग व प्रशासन आम जनता की समस्याओं को देखते हुए यात्री किराए में कटौती करे।
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गोपाल शर्मा समाज सुधार कमेटी सचिव ने कहा कि कोविड-19 के चलते सामाजिक दूरी बनाए रखने को लेकर यात्री वाहनों में किराए बढ़ाए गए, मगर अब यात्री वाहनों में यात्री बड़ी संख्या में बिठाए जाते हैं। इसके बावजूद भी यात्री वाहनों का किराया काम नहीं किया गया। जब पेट्रोल व डीजल के दाम अधिक थे तो यात्री वाहन किराया बढ़ाए जाने की मांग करते हैं। गरीब जनता के हित को देखते हुए राज्य सरकार जिला प्रशासन व परिवहन विभाग से मांग है कि यात्री वाहनों के किराए में कमी की जाए।