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जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने मासिक बैठक में नौकरी स्थायी करने की मांग की
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सुंदरबनी। जलशक्ति विभाग में वर्षों से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने शनिवार को मासिक बैठक के दौरान पांच वर्ष का बकाया वेतन देने के साथ-साथ नौकरी को स्थायी करने की मांग की। जलशक्ति विभाग की अस्थायी कर्मचारी संघ की सब डिविजन के प्रधान प्रेम कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी कर्मचारियों ने कहा कि वह 20 से 25 वर्षों से विभाग में काम कर रहे हैं, लेकिन विभाग की तरफ से उन्हें पक्का करके नियमित वेतन देने की योजना तैयार नहीं की गई है। जिस कारण आज भी विभाग के पास उनका पांच वर्ष का वेतन बकाया है।
जलशक्ति विभाग कर्मचारी संघ के प्रधान प्रेम कुमार ने कहा कि 20 वर्ष के दौरान क ई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन उनकी नौकरी को पक्का करने के लिए किसी भी सरकार ने कोई रुचि नहीं दिखाई, जिसका नतीजा है कि आज उन्हें दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। आज भी उन्हें महीने के मात्र 6750 रुपये वेतन दिया जा रहा है, जिससे उन्हें परिवार का गुजारा चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऊपर से विभाग की तरफ से उनसे स्थायी कर्मचारियों से भी ज्यादा काम लिया जा रहा है, जिस कारण वह और कोई काम भी नहीं कर पाते हैं, जिससे उनके परिवार का गुजारा चल सके। उन्होंने मांग की कि जलशक्ति विभाग में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी को पक्का करके उन्हें नियमित वेतन दिया जाए। ताकि वर्षों से परेशानियों का सामना कर रहे कर्मचारियों को राहत मिल सके।
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जलशक्ति विभाग कर्मचारी संघ के प्रधान प्रेम कुमार ने कहा कि 20 वर्ष के दौरान क ई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन उनकी नौकरी को पक्का करने के लिए किसी भी सरकार ने कोई रुचि नहीं दिखाई, जिसका नतीजा है कि आज उन्हें दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। आज भी उन्हें महीने के मात्र 6750 रुपये वेतन दिया जा रहा है, जिससे उन्हें परिवार का गुजारा चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऊपर से विभाग की तरफ से उनसे स्थायी कर्मचारियों से भी ज्यादा काम लिया जा रहा है, जिस कारण वह और कोई काम भी नहीं कर पाते हैं, जिससे उनके परिवार का गुजारा चल सके। उन्होंने मांग की कि जलशक्ति विभाग में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी को पक्का करके उन्हें नियमित वेतन दिया जाए। ताकि वर्षों से परेशानियों का सामना कर रहे कर्मचारियों को राहत मिल सके।
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