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Poonch: मेंढर में एलओसी के जंगलों में आग, बारूदी सुरंगों में हुआ विस्फोट
Tue, 17 May 2022 06:49 AM IST
Vikas Kumar
एएनआई, रजौरी
एएनआई, रजौरी
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 17 May 2022 06:49 AM IST
सार
आग लगने की जानकारी के उपरांत सेना भी सतर्क हो गई, जबकि वन कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए।
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नियाका, पंजग्रेन और घंबीर मुगलन वन क्षेत्रों में लगी भीषण आग
- फोटो : ANI
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विस्तार
पुंछ के मेंढर में नियंत्रण रेखा पर स्थित बालाकोट और मनकोट तहसील के बलनोई क्षेत्र के जंगलों में सोमवार भीषण आग लग गई। देर शाम तक आग बड़े इलाके में फैल गई, जिससे घुसपैठ रोकने के लिए लगाई गईं बारूदी सुरंगों में विस्फोट शुरू हो गए।
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सोमवार सुबह सबसे पहले मनकोट तहसील में नियंत्रण रेखा से सटे जंगलों में आग लगी जिसका धुआं कई किलोमीटर दूर कृष्णा घाटी टाप तक दिखाई दिया। वहीं देर शाम को बालाकोट तहसील के जंगलों में भी बड़े क्षेत्र में आग लगने और बारूदी सुरंगों में विस्फोट होने का क्रम शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी था।
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बारूदी सुरंगों के धमाकों की आवाजें नियंत्रण रेखा के आसपास के रिहायशी क्षेत्रों तक सुनाई दे रही हैं। आग लगने की जानकारी के उपरांत सेना भी सतर्क हो गई, जबकि वन कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। नियंत्रण रेखा के जंगलों में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अलबत्ता पूर्व की घटनाओं को देखा जाए तो अधिकतर मामलों में नियंत्रण रेखा के उस पार पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र से लगाई गई आग ही भारतीय क्षेत्र के जंगलों को चपेट में लेती रही है। इसके पीछे आग लगाने का कार्य पाकिस्तानी सेना अथवा उस पार मौजूद आतंकी होते रहे हैं। जो आग लगाकर माइन फील्ड को नुकसान पहुंचा कर आतंकियों की घुसपैठ का रास्ता तैयार करते हैं।
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नियंत्रण रेखा से सटे जंगलों में लगी आग को लेकर नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों के लोगों ने बताया कि आग के बीच-बीच में बारूदी सुरंगों के विस्फोट के धमाके भी सुनाई दे रहे हैं। उधर इस आग से बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों को वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचने के भी सूचना है।