{"_id":"84384229b98e8b6971393266c1d0ec8a","slug":"kangota-village-still-no-electricity-facility-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली का सपना देख रहे कंगोटावासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली का सपना देख रहे कंगोटावासी
राजोरी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुद्धल तहसील की केवल पंचायत का अपर कंगोटा गांव आज भी बिजली सुविधा मिलने की राह देख रहा है।
विज्ञापन
इस गांव को राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत बुनियादी ढांचे के लिए सामान तो मिल गया है, लेकिन किसी भी घर में बल्ब नहीं जला है। गांव के निवासियों के लिए आज भी बिजली मिलना एक सपने जैसा है।
डीसी शब्बीर अहमद बट्ट ने इस संबंध में कहा कि वह विभाग से बात कर गांव में जल्द बिजली पहुंचाएंगे।
अपर कंगोटा गांव के निवासियों को सड़क तक पहुंचने के लिए चार किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है। इसी केवल पंचायत के ठाकुर पूरण सिंह कांगेस-नेकां की तत्कालीन सरकार में राज्यमंत्री भी चुके हैं।
विज्ञापन
बुद्धल के विधायक चौधरी जुल्फिकार अली भी करीब दस महीने तक कैबिनट मंत्री रहे। इसके बावजूद गांव में बिजली की सुविधा नहीं पहुंच पाना लोगों की बदकिस्मती है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी मोहम्मद शब्बीर, शरीफ अहमद, फारूक अहमद आदि ने बताया कि तीन वर्ष पहले बिजली सुविधा प्रदान करने के लिए आरजीवीवाई के तहत खंभे, ट्रांसफार्मर और तार पहुंचा दिए गए थे, लेकिन आज तक न तो खंभे खड़े किए गए और न बिजली मिल सकी।
ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन और बिजली विभाग से इस संबंध में कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आया। हां, हर बार आश्वासन जरूर मिला।
उन्होंने बताया कि खंभे, तार और ट्रांसफार्मर पड़े-पड़े खराब हो रहे हैं। सरकारों, प्रशासन और विभाग के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा कि बिजली नहीं मिली है तो विकास कैसे होगा। गुस्साए ग्रामीण अब प्रदर्शन करने की चेतावनी दे रहे हैं।