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ओमीक्रोन से निपटने के लिए जिला स्वस्थ विभाग पूरी तरह से सक्षम व तैयार
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राजोरी। जिले में यदि ओमिक्रॉन का कोई संक्रमित आ जाता है, तो उससे निपटने के लिए और उसे समय पर सही उपचार देने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। जिले के जीएमसी को छोड़ अन्य उप जिला अस्पतालोें में वेंटिलेटर भी उपलब्ध हैं। पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सिलिंडर की भी कोई कमी नहीं है।
यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शमीम भट्टी ने दी। सीएमओ ने बताया कि सुंदरबनी उप जिला अस्पताल में 5 वेंटिलेटर, नौशेरा में चार, कालाकोट में 4 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। वेंटीलेटर से हाई फ्लो ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए ऐसे अस्पताल में तैनात अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। सीएमओ ने बताया कि जिले के अन्य क्षेत्रों में स्थित पब्लिक हेल्थ सेंटर (पीएचसी) व कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी नहीं है। ऐसे अस्पतालों में तैनात स्टाफ भी प्रशिक्षित हैं। सीएमओ ने बताया कि जीएमसी राजोरी में 4250 एलपीएम का ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट चालू है। इसके अलावा जिले भर के पीएचसी व सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड तैयार हैं। यदि ओमिक्रॉन का कोई मामला राजोरी में आता है तो उसे हमें राजोरी में नहीं रखना है, बल्कि उसे तत्काल डीआरडीओ जम्मू रेफर करना है। विदेश से यदि कोई व्यक्ति राजोरी आता है तो उसकी पहले ही विभिन्न स्थानों पर टेस्टिंग की जा चुकी होगी, लेकिन राजोरी पहुंचने पर उसकी फिर से जांच होगी।
इसके अलावा प्रशासन ने जिले के विभिन्न इलाकों में पंचों, सरपंचों, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर के अलावा अन्य स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को भी निर्देश दिए हैं कि यदि उनके इलाका में कहीं भी कोई व्यक्ति बाहर से आता है तो उसकी रिपोर्ट बीएमओ व तहसीलदार को देें, ताकि तत्काल उसकी सैंपलिंग टेस्टिंग की जा सके।
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यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शमीम भट्टी ने दी। सीएमओ ने बताया कि सुंदरबनी उप जिला अस्पताल में 5 वेंटिलेटर, नौशेरा में चार, कालाकोट में 4 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। वेंटीलेटर से हाई फ्लो ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए ऐसे अस्पताल में तैनात अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। सीएमओ ने बताया कि जिले के अन्य क्षेत्रों में स्थित पब्लिक हेल्थ सेंटर (पीएचसी) व कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी नहीं है। ऐसे अस्पतालों में तैनात स्टाफ भी प्रशिक्षित हैं। सीएमओ ने बताया कि जीएमसी राजोरी में 4250 एलपीएम का ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट चालू है। इसके अलावा जिले भर के पीएचसी व सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड तैयार हैं। यदि ओमिक्रॉन का कोई मामला राजोरी में आता है तो उसे हमें राजोरी में नहीं रखना है, बल्कि उसे तत्काल डीआरडीओ जम्मू रेफर करना है। विदेश से यदि कोई व्यक्ति राजोरी आता है तो उसकी पहले ही विभिन्न स्थानों पर टेस्टिंग की जा चुकी होगी, लेकिन राजोरी पहुंचने पर उसकी फिर से जांच होगी।
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इसके अलावा प्रशासन ने जिले के विभिन्न इलाकों में पंचों, सरपंचों, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर के अलावा अन्य स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को भी निर्देश दिए हैं कि यदि उनके इलाका में कहीं भी कोई व्यक्ति बाहर से आता है तो उसकी रिपोर्ट बीएमओ व तहसीलदार को देें, ताकि तत्काल उसकी सैंपलिंग टेस्टिंग की जा सके।
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