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हेल्थ सब सेंटर का भवन असुरक्षित घोषित होने पर कीमती सामान फार्मासिस्ट के घर पर किया शिफ्ट
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राजोेरी। जिले में एक अजीबोगरीब घटनाक्रम में स्वास्थ्य ब्लॉक दरहाल के अंतर्गत पड़ने वाले अजमताबाद गांव में एक जूनियर फार्मासिस्ट के निजी आवास में लगी आग में एक स्वास्थ्य उप केंद्र का महत्वपूर्ण सामान जलकर राख हो गया।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र की इमारत असुरक्षित होने की दलील पर सब-सेंटर का सामान जूनियर फार्मासिस्ट शब्बीर अहमद के निजी आवास पर स्थानांतरित कर दिया गया। शब्बीर अहमद आवास पर मशीनों का संचालन कर रहे थे। इसके अलावा स्वास्थ्य उप केंद्र के अन्य नियमित काम भी अपने निजी आवास से कर रहे थे, जिसमें रोगियों की जांच भी शामिल थी। बताया जा रहा है कि ब्लॉक चिकित्सा पदाधिकारी (बीएमओ) दरहाल को असुरक्षित भवन की जानकारी तभी मिली जब शब्बीर के घर में लगी आग में स्वास्थ्य उपकेंद्र की मशीनें व अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया। बीएमओ दरहाल को स्वास्थ्य उपकेंद्र की संपत्ति को जूनियर फार्मासिस्ट के आवास पर स्थानांतरित करने और असुरक्षित भवन के बारे में जानकारी थी या नहीं, यह विभागीय जांच का विषय है।
हालांकि, बीएमओ दरहाल ने अपने कार्यालय से पत्र के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को एक जूनियर फार्मासिस्ट के आवास पर स्वास्थ्य केंद्र की संपत्ति के नुकसान के बारे में सूचित किया है। वहीं डॉ. शमीम उन निसा सीएमओ राजोरी ने मामले को गंभीरता से लिया है और अपने कार्यालय से पत्र जारी कर बीएमओ को विवरण प्रदान करने का निर्देश दिया है कि उप-केंद्र के भवन को कब असुरक्षित घोषित किया गया था और इस सम्बन्ध मे संबंधित एजेंसी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए।
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सीएमओ ने बीएमओ से भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने पर उप केंद्र को डेड स्टॉक आइटम जारी करने के कारणों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमओ ने उप-केंद्र भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने पर सरकारी वस्तुओं को निजी आवास में स्थानांतरित करने के कारण के बारे में कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और बीएमओ से पूछा है कि यदि भवन असुरक्षित था तो सरकारी मशीनरी को ब्लॉक मुख्यालय स्टोर या निकटतम सरकारी अस्पताल भवन मे शिफ्ट क्यों नहीं किया गया और किस कि अनुमति से कीमती सामान को एक फार्मासिस्ट के निजी आवास मे भेज दिया। वही सीएमओ ने बताया कि
मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए है और गहन जाँच चल रही है। अधिक विवरण बीएमओ के जवाब के बाद ही उपलब्ध होगा।
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जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र की इमारत असुरक्षित होने की दलील पर सब-सेंटर का सामान जूनियर फार्मासिस्ट शब्बीर अहमद के निजी आवास पर स्थानांतरित कर दिया गया। शब्बीर अहमद आवास पर मशीनों का संचालन कर रहे थे। इसके अलावा स्वास्थ्य उप केंद्र के अन्य नियमित काम भी अपने निजी आवास से कर रहे थे, जिसमें रोगियों की जांच भी शामिल थी। बताया जा रहा है कि ब्लॉक चिकित्सा पदाधिकारी (बीएमओ) दरहाल को असुरक्षित भवन की जानकारी तभी मिली जब शब्बीर के घर में लगी आग में स्वास्थ्य उपकेंद्र की मशीनें व अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया। बीएमओ दरहाल को स्वास्थ्य उपकेंद्र की संपत्ति को जूनियर फार्मासिस्ट के आवास पर स्थानांतरित करने और असुरक्षित भवन के बारे में जानकारी थी या नहीं, यह विभागीय जांच का विषय है।
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हालांकि, बीएमओ दरहाल ने अपने कार्यालय से पत्र के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को एक जूनियर फार्मासिस्ट के आवास पर स्वास्थ्य केंद्र की संपत्ति के नुकसान के बारे में सूचित किया है। वहीं डॉ. शमीम उन निसा सीएमओ राजोरी ने मामले को गंभीरता से लिया है और अपने कार्यालय से पत्र जारी कर बीएमओ को विवरण प्रदान करने का निर्देश दिया है कि उप-केंद्र के भवन को कब असुरक्षित घोषित किया गया था और इस सम्बन्ध मे संबंधित एजेंसी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए।
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सीएमओ ने बीएमओ से भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने पर उप केंद्र को डेड स्टॉक आइटम जारी करने के कारणों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमओ ने उप-केंद्र भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने पर सरकारी वस्तुओं को निजी आवास में स्थानांतरित करने के कारण के बारे में कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और बीएमओ से पूछा है कि यदि भवन असुरक्षित था तो सरकारी मशीनरी को ब्लॉक मुख्यालय स्टोर या निकटतम सरकारी अस्पताल भवन मे शिफ्ट क्यों नहीं किया गया और किस कि अनुमति से कीमती सामान को एक फार्मासिस्ट के निजी आवास मे भेज दिया। वही सीएमओ ने बताया कि
मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए है और गहन जाँच चल रही है। अधिक विवरण बीएमओ के जवाब के बाद ही उपलब्ध होगा।