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अधिकारियों ने राजोेरी के गांव तक पहुंचने में छह घंटे से अधिक की यात्रा
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राजोरी के कंडी क्षेत्र में गोल्डन कार्ड बनाने पहुंचे अधिकारी व कर्मचारी।
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राजोरी। सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के कर्मियों ने सरपंचों सहित पंचायत अधिकारियों के साथ, जिले के दूरस्थ कंडी ब्लॉक तक पहुंचने के लिए छह घंटे तक ट्रेकिंग की। यहां गोल्डन कार्ड के लिए लोगों का पंजीकरण किया गया।
अधिकारियों की टीम ने कंडी में गोल्डन कार्ड के पंजीकरण की सुविधा के लिए घरों का दौरा किया। गोल्डन कार्ड में रोगी की सभी जानकारी होती है। जिसे योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पताल में पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए उक्त योजना की शुरुआत की थी। जिन लोगों ने गोल्डन कार्ड के लिए पंजीकरण कराया, उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में आने के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह बहुत अच्छी योजना है। उन्होंने कहा कि यहां इलाज की कोई सुविधा नहीं थी। पीएम मोदी ने हमें गोल्डन कार्ड देकर बहुत अच्छा काम किया है। निजी अस्पतालों में इलाज का खर्चा काफी बढ़ गया है। योजना गरीबों को स्वास्थ्य देखभाल कवरेज प्रदान करेगी।
पंजीकरण के बाद निवासियों में से एक अब्दुल रजाक ने बताया कि दस्तावेज की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, राशन कार्ड थे।
सीएससी संचालक जीराफत ने कहा कि मोदी सरकार के आदेश पर हमने घाटी के सुदूर इलाकों में पंजीकरण कराने का फैसला किया है। इस योजना से इलाज पर उनके पैसे की बचत होगी।
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अधिकारियों की टीम ने कंडी में गोल्डन कार्ड के पंजीकरण की सुविधा के लिए घरों का दौरा किया। गोल्डन कार्ड में रोगी की सभी जानकारी होती है। जिसे योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पताल में पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए उक्त योजना की शुरुआत की थी। जिन लोगों ने गोल्डन कार्ड के लिए पंजीकरण कराया, उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में आने के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह बहुत अच्छी योजना है। उन्होंने कहा कि यहां इलाज की कोई सुविधा नहीं थी। पीएम मोदी ने हमें गोल्डन कार्ड देकर बहुत अच्छा काम किया है। निजी अस्पतालों में इलाज का खर्चा काफी बढ़ गया है। योजना गरीबों को स्वास्थ्य देखभाल कवरेज प्रदान करेगी।
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पंजीकरण के बाद निवासियों में से एक अब्दुल रजाक ने बताया कि दस्तावेज की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, राशन कार्ड थे।
सीएससी संचालक जीराफत ने कहा कि मोदी सरकार के आदेश पर हमने घाटी के सुदूर इलाकों में पंजीकरण कराने का फैसला किया है। इस योजना से इलाज पर उनके पैसे की बचत होगी।
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