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राजोरी में टीएसपी के तहत 20 स्कूलों को %स्मार्ट स्कूल% में तब्दील किया जाएगा
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राजोरी। ट्राइबल सब प्लान (टीएसपी) के तहत जिले में स्कूलों को एसटी समुदायों के लिए स्मार्ट स्कूल में बदलने के लिए 20 स्कूलों का चयन किया गया है। पिछले साल नवंबर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 40 करोड़ रुपये की लागत से जम्मू-कश्मीर में आदिवासी समुदायों के लिए 200 स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदलने की परियोजना शुरू की थी।
इसी के तहत स्कूलों के आधुनिकीकरण को दो चरणों में अंजाम देना है। पहले चरण में 100 स्कूलों को मार्च 2022 तक और बाकी को दिसंबर 2022 तक बदल दिया जाएगा। आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में आधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट स्कूल आदिवासी बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करेंगे और उनका भविष्य सुरक्षित करेंगे। इसी संदर्भ में उपायुक्त विकास कुंडल ने मुख्य योजना अधिकारी मोहम्मद खुर्शीद और एक्सईएन पीडब्ल्यूडी मकबूल हुसैन की बैठक में विभिन्न स्कूलों में ई-कक्षाओं के निर्माण में हुई प्रगति की समीक्षा की।
उपायुक्त को बताया गया कि आदिवासी उपयोजना के तहत चयनित 20 स्कूलों में से 13 को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 6 ई-क्लास रूम के लिए सिविल वर्क आवंटित किया गया है। ई-क्लास टेक्नोलॉजी छात्रों को बेसिक कॉन्सेप्ट्स को अधिक तेजी से और पूरी तरह से समझने, अधिक आसानी से जोड़ने और अधिक आसानी से सीखने में संलग्न करने में सक्षम बनाएगी। उपायुक्त ने कहा कि ई-कक्षाएं शिक्षण तकनीकों में भी सुधार करेंगी, ज्ञान के व्यापक और आसान साझाकरण की सुविधा प्रदान करेंगी और बेहतर शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि आदिवासी छात्रों को वांछित लाभ प्रदान करने के लिए सभी ई-कक्षाओं का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
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उपायुक्त ने स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित अधिकारी को इन स्कूलों में आदिवासी छात्रों के नामांकन के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने आदिवासी योजनान्तर्गत निधियों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल देते हुए ई कक्षाओं का कार्य करते समय जनजातीय विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा।
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इसी के तहत स्कूलों के आधुनिकीकरण को दो चरणों में अंजाम देना है। पहले चरण में 100 स्कूलों को मार्च 2022 तक और बाकी को दिसंबर 2022 तक बदल दिया जाएगा। आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में आधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट स्कूल आदिवासी बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करेंगे और उनका भविष्य सुरक्षित करेंगे। इसी संदर्भ में उपायुक्त विकास कुंडल ने मुख्य योजना अधिकारी मोहम्मद खुर्शीद और एक्सईएन पीडब्ल्यूडी मकबूल हुसैन की बैठक में विभिन्न स्कूलों में ई-कक्षाओं के निर्माण में हुई प्रगति की समीक्षा की।
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उपायुक्त को बताया गया कि आदिवासी उपयोजना के तहत चयनित 20 स्कूलों में से 13 को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 6 ई-क्लास रूम के लिए सिविल वर्क आवंटित किया गया है। ई-क्लास टेक्नोलॉजी छात्रों को बेसिक कॉन्सेप्ट्स को अधिक तेजी से और पूरी तरह से समझने, अधिक आसानी से जोड़ने और अधिक आसानी से सीखने में संलग्न करने में सक्षम बनाएगी। उपायुक्त ने कहा कि ई-कक्षाएं शिक्षण तकनीकों में भी सुधार करेंगी, ज्ञान के व्यापक और आसान साझाकरण की सुविधा प्रदान करेंगी और बेहतर शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि आदिवासी छात्रों को वांछित लाभ प्रदान करने के लिए सभी ई-कक्षाओं का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
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उपायुक्त ने स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित अधिकारी को इन स्कूलों में आदिवासी छात्रों के नामांकन के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने आदिवासी योजनान्तर्गत निधियों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल देते हुए ई कक्षाओं का कार्य करते समय जनजातीय विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा।