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सीईओ राजोरी ने तहसीलदार मंजाकोट को भेजा कारण बताओ नोटिस

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राजोरी। मंजाकोट के तहसीलदार ने सरकारी आदेश का उल्लंघन करते हुए दो शिक्षकों को अपने कार्यालय में अटैच कर उन्हें डोमिसाइल प्रमाणपत्र अपलोड एवं ऑनलाइन करने की ड्यूटी पर लगा दिया। सीईओ ने उक्त मामले में तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब तलब किया है।
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सीईओ ने बताया कि किसी भी सरकारी शिक्षक को कोविड-19 को छोड़कर किसी अन्य ड्यूटी के लिए प्रतिनियुक्त नहीं किया जा सकता है, लेकिन मंजाकोट तहसीलदार ने अपने कार्यालय में डोमिसाइल प्रमाणपत्र को ऑनलाइन एवं अपलोड करने के उद्देश्य से तहसील कार्यालय में दो शिक्षकों को अटैच किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीईओ चौधरी गुलजार हुसैन ने अपने कार्यालय से तहसीलदार मंजाकोट के आदेश को रद्द करते हुए दो दिन के भीतर उनका स्पष्टीकरण मांगा है। सीईओ द्वारा जारी नोटिस के अनुसार तहसीलदार मंजाकोट द्वारा दो शिक्षकों को तहसील कार्यालय अटैच करने के आदेश को तत्काल रद्द किया जाता है। इस संबंध में तहसीलदार को अपनी स्थिति को सकारात्मक रूप से दो दिन के भीतर स्पष्ट करने का निर्देश दिया जाता है।
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सीईओ के अनुसार ऐसा न करने पर यह माना जाएगा कि तहसीलदार के पास कहने के लिए कुछ नहीं है और इस मामले कोे राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज मानदंडों के तहत तहसीलदार के खिलाफ आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए सिफारिश की जाएगी। सीईओ ने बताया कि सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि कोविड -19 ड्यूटी को छोड़कर शिक्षण कर्मचारियों को अन्य किसी भी असाइनमेंट से दूर रखा जाये। सीईओ ने दो शिक्षकों मोहम्मद अशफाक और मोहम्मद फारूक को बीएमओ मंजाकोट के अधीन अपने तैनाती स्थान (स्कूलों) में ही कोविड टीकाकरण डेटा अपलोड करने की ड्यूटी दी थी, लेकिन सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए और सीईओ के आदेश को दबाते हुए और उन्हें बिना किसी सूचना के, तहसीलदार मंजाकोट ने दोनों शिक्षकों को मंजाकोट में तहसील कार्यालय में डोमिसाइल सर्टिफिकेट ऑनलाइन करने के लिए तैनात कर दिया। सीईओ के अनुसार तहसीलदार के आदेश ने ऑनलाइन कक्षाओं, सामुदायिक कक्षाओं के साथ-साथ टीकाकरण डेटा को अपलोड करने पर बहुत प्रभाव डाला है और इससे निर्दोष छात्रों की पढ़ाई को बहुत नुकसान हुआ है। सीईओ ने कहा कि इस तरह की गलती के लिए तहसीलदार मंजाकोट कड़ी सजा के लिए उत्तरदायी हैं।
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सीईओ के आदेश में आगे कहा गया है कि तहसीलदार की असाइनमेंट यानि कि डोमिसाइल सर्टिफिकेट ऑनलाइन / अपलोड करने के काम को पूरी तरह से करने के लिए उनके पास राजस्व विभाग में पर्याप्त कर्मचारी हैं।
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