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थन्नामंडी के लोग पिछले कई साल से नाले का पानी पीने को मजबूर हैं,
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राजोरी। जिले के थन्नामंडी इलाके के लोगों को वर्षों से नाले का गंदा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि वर्ष 2005-2006 में नगर थन्ना मंडी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 2.72 करोड़ रुपये दिए गए। जल शक्ति विभाग पर आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि इस पैसे के अनुचित उपयोग के कारण थन्नामंडी के लोगों को आलाल गांव के एक नाले से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिसका उपयोग थन्नामंडी के धार्मिक स्थलों में किया जाता है।
स्थानीय निवासी हाजी निवासी मोहम्मद दीन, मुश्ताक अहमद, शकील चौधरी और अन्य सहित स्थानीय लोगों ने कहा कि लोगों को उस नाले से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें मवेशियों के गोबर, कीड़े आदि पाए जाते हैं। स्थानीय लोग भी उसी स्थान पर स्नान करते हैं और कपड़े धोते हैं। उन्होंने कहा कि यहां साफ सुथरे झरने हैं, लेकिन विभाग अभी भी लोगों को नाले का गंदा और दूषित पानी मुहैया करा रहा है। जहां लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए विभाग को सालाना लाखों रुपये दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि थन्नामंडी के लोग किसी बड़ी बीमारी से पीड़ित हैं, एक तरफ लोग कोरोना जैसी घातक बीमारियों से डरे हुए हैं, लेकिन विभाग और प्रशासन की लापरवाही के चलते स्थानीय बच्चे उसी नाले में नहा रहे हैं जहां से आपूर्ति किया हुआ पानी लोग पी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी जाती है तो उनके कानों में जूं तक नहीं रेंगती है।
उन्होंने उपायुक्त राजेश कुमार शवन को इस पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा, ताकि गरीब लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके और लोग बीमारियों से बचे रहे और कोविड जैसी घातक बीमारी के दौरान साफ व स्वच्छ पानी आपूर्ति किया जाए ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके।
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जल्द ही एक प्रस्ताव बना कर उच्च अधिकारियों को भेज कर नई सप्लाई स्कीम शुरू की जाएगी और तब तक साफ व स्वच्छ पानी की आपूर्ति के लिए कोई अन्य विकल्प तलाश किया जा रहा है।
-जुल्फिकार चौधरी, एईई, जल शक्ति विभाग
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स्थानीय निवासी हाजी निवासी मोहम्मद दीन, मुश्ताक अहमद, शकील चौधरी और अन्य सहित स्थानीय लोगों ने कहा कि लोगों को उस नाले से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें मवेशियों के गोबर, कीड़े आदि पाए जाते हैं। स्थानीय लोग भी उसी स्थान पर स्नान करते हैं और कपड़े धोते हैं। उन्होंने कहा कि यहां साफ सुथरे झरने हैं, लेकिन विभाग अभी भी लोगों को नाले का गंदा और दूषित पानी मुहैया करा रहा है। जहां लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए विभाग को सालाना लाखों रुपये दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि थन्नामंडी के लोग किसी बड़ी बीमारी से पीड़ित हैं, एक तरफ लोग कोरोना जैसी घातक बीमारियों से डरे हुए हैं, लेकिन विभाग और प्रशासन की लापरवाही के चलते स्थानीय बच्चे उसी नाले में नहा रहे हैं जहां से आपूर्ति किया हुआ पानी लोग पी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी जाती है तो उनके कानों में जूं तक नहीं रेंगती है।
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उन्होंने उपायुक्त राजेश कुमार शवन को इस पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा, ताकि गरीब लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके और लोग बीमारियों से बचे रहे और कोविड जैसी घातक बीमारी के दौरान साफ व स्वच्छ पानी आपूर्ति किया जाए ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके।
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जल्द ही एक प्रस्ताव बना कर उच्च अधिकारियों को भेज कर नई सप्लाई स्कीम शुरू की जाएगी और तब तक साफ व स्वच्छ पानी की आपूर्ति के लिए कोई अन्य विकल्प तलाश किया जा रहा है।
-जुल्फिकार चौधरी, एईई, जल शक्ति विभाग