{"_id":"6228e780fd0e0f418872ec83","slug":"cultural-rajouri-news-jmu2554117125","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजोरी के जवाहर नगर मे आज भैरव नाथ की झांकी निकाली जाएगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजोरी के जवाहर नगर मे आज भैरव नाथ की झांकी निकाली जाएगी
विज्ञापन
राजोरी मे निकाले जाने वाली भैरव नाथ की झांकी के फ़ाइल फोटो
- फोटो : RAJOURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। होली पर्व को लेकर जिले में निकाली जाने वाली बाबा भैरव नाथ की झांकी का सिलसिला वीरवार से शुरू हो रहा है। पहले दिन जवाहर नगर में झांकी निकाली जाएगी। इस संबंध में बाबा भैरव नाथ कमेटी जवाहर नगर ने तैयारियां पूरी कर ली है।
दोपहर बाद करीब 3 बजे झांकी जवाहर नगर स्थित प्राचीन शिव मंदिर से निकाली जाएगी। बाबा भैरव की झांकी निकलते ही शहर का वातावरण भक्तिमय हो जाता है। भैरवनाथ का नृत्य देखने और भैरव के चिमटे की मार खाने के लिए मानो होड़ लगी रहती है। महिलाएं, युवतियां, बच्चे सभी भैरव नृत्य देखने उमड़ पड़ते हैं। इस मौके पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर भैरव नाथ का वेश धारण किए युवा नृत्य करते नजर आते है।
-----
क्या है मान्यता
राजोरी वासियों का मानना है कि जिस वर्ष होली पर शहर में भैरव झांकी न निकाली जाए, उस वर्ष शहर व आसपास के क्षेत्रों में अकाल पड़ने जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। कई दशक से यह परंपरा बिना किसी रुकावट के चलती आ रही है। लोगों की मान्यता है कि भैरव नाथ के चिमटे की मार से कई प्रकार के शारीरिक कष्ट दूर होते हैं। लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए होते हैं। भैरव नाथ की झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है। सभी लोग दुकानों व घरों की छत पर चढ़ कर झांकी का आनंद उठाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोपहर बाद करीब 3 बजे झांकी जवाहर नगर स्थित प्राचीन शिव मंदिर से निकाली जाएगी। बाबा भैरव की झांकी निकलते ही शहर का वातावरण भक्तिमय हो जाता है। भैरवनाथ का नृत्य देखने और भैरव के चिमटे की मार खाने के लिए मानो होड़ लगी रहती है। महिलाएं, युवतियां, बच्चे सभी भैरव नृत्य देखने उमड़ पड़ते हैं। इस मौके पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर भैरव नाथ का वेश धारण किए युवा नृत्य करते नजर आते है।
विज्ञापन
-----
क्या है मान्यता
राजोरी वासियों का मानना है कि जिस वर्ष होली पर शहर में भैरव झांकी न निकाली जाए, उस वर्ष शहर व आसपास के क्षेत्रों में अकाल पड़ने जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। कई दशक से यह परंपरा बिना किसी रुकावट के चलती आ रही है। लोगों की मान्यता है कि भैरव नाथ के चिमटे की मार से कई प्रकार के शारीरिक कष्ट दूर होते हैं। लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए होते हैं। भैरव नाथ की झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है। सभी लोग दुकानों व घरों की छत पर चढ़ कर झांकी का आनंद उठाते हैं।
विज्ञापन