फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Rajouri News ›   cultural

हर बालक की पहली गुरु उसकी माता

विज्ञापन
cultural
नौशेरा। राजल गांव के शिव मंदिर में महामंडलेश्वर श्रीश्री 108 श्री मोनी बाबा संतोष दास जी महाराज के सानिध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में महामंडलेश्वर भैया दास की बेटी साध्वी राधा देवी ने कहा कि हर बालक की पहली गुरु उसकी माता है। जैसा संस्कार माता में होता है, वैसा ही वह बालक के को देती है।
विज्ञापन

ध्रुव की माता सुनीति यानी के अच्छी नीति पर चलने वाली धर्म परायण स्त्री थीं। जब काफी समय गुजर जाने के बाद कोई संतान नहीं हुई तो उन्होंने महाराज पर दबाव बनाकर उनकी दूसरी शादी की, जिससे सिंहासन को युवराज मिल जाए। दुर्भाग्यवश महाराज की दूसरी पत्नी ईर्ष्यालु और लोभी थी। वह चाहती थी कि सब कुछ राजा मेरे अनुसार कार्य करें। कुछ दिन बाद दूसरी पत्नी सुरुचि को पुत्र हुआ। संयोगवश भगवान की कृपा से सुनीति को भी ध्रुव नाम का पुत्र हुआ। एक दिन महाराज की दूसरी पत्नी सुरुचि अपनी रुचि के अनुसार चलने वाली उस महारानी ने ध्रुव को अपने पति की गोद में बैठे देखा। ईर्ष्या वश ध्रुव को गोद से उतार दिया और राजा की गोद में अपने पुत्र को बैठा दिया। ध्रुव रोता हुआ मां के पास पहुंचा। माता को सभी बात बताई। इस पर माता ने कोई गुस्सा नहीं किया। ध्रुव की माता सुनीति ने ध्रुव को समझाया कि जिस पिता की गोद में तू बैठना चाहता है। वह पिता तो एक दिन मृत्यु को प्राप्त हो जाएगा। तू उस जगत पिता की गोद में बैठ, जिसका कभी विनाश नहीं होता। यानी तू परमात्मा की गोद में बैठ, वन की ओर जा, और घोर तप कर। माता सुनीति ने ध्रुव को बताया मात्र 5 से 7 साल की आयु का बालक जंगल में जाकर तपस्या करता है। और देव ऋषि नारद को गुरु बना कर 8 माह में भगवान को प्राप्त कर लेता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed