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एनएसएस का स्थापना दिवस उत्साह सहे मनाया
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नौशेरा। सरकारी डिग्री कॉलेज की एनएसएस यूनिट ने शुक्रवार को आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना के 52 वें स्थापना दिवस को उत्साह के साथ मनाया। इस दिन को चिह्नित करने के लिए एनएसएस यूनिट ने सभी छात्रों के लिए प्रतिभा खोज प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस दौरान गायन, संगीत, नृत्य, कविता, भांगड़ा, गिद्दा और मिमिक्री जैसे कार्यक्रमों में कॉलेज के 50 से अधिक छात्रों ने भाग लिया।
शुरुआत में कार्यक्रम अधिकारी प्रो. इनाम उल हक ने इस दिन के महत्व पर प्रकाश डाला और एनएसएस के इतिहास के बारे में बताया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के बारे में भी बताया, जो एनएसएस के कामकाज के पीछे महान प्रेरणा थे। प्राचार्य डॉ. सुरिंदर कुमार ने कहा, आज हम भारत की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के उद्देश्य और कार्यप्रणाली को समझने के लिए इतिहास में वापस जाते हैं। इसका गठन 1969 को छात्रों में सामाजिक कल्याण के विचारों को विकसित करने और बिना किसी पूर्वाग्रह के समाज को सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक दिन-रात मेहनत करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे समाज में हर जरूरतमंद को हर संभव मदद मिले ताकि वे भी अपने मानकों को बढ़ा सकें और जीवन जी सकें। हम सभी के साथ समाज में गरिमा।
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शुरुआत में कार्यक्रम अधिकारी प्रो. इनाम उल हक ने इस दिन के महत्व पर प्रकाश डाला और एनएसएस के इतिहास के बारे में बताया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के बारे में भी बताया, जो एनएसएस के कामकाज के पीछे महान प्रेरणा थे। प्राचार्य डॉ. सुरिंदर कुमार ने कहा, आज हम भारत की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के उद्देश्य और कार्यप्रणाली को समझने के लिए इतिहास में वापस जाते हैं। इसका गठन 1969 को छात्रों में सामाजिक कल्याण के विचारों को विकसित करने और बिना किसी पूर्वाग्रह के समाज को सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक दिन-रात मेहनत करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे समाज में हर जरूरतमंद को हर संभव मदद मिले ताकि वे भी अपने मानकों को बढ़ा सकें और जीवन जी सकें। हम सभी के साथ समाज में गरिमा।
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