{"_id":"5abaa2504f1c1bec3f8b5556","slug":"81522180688-rajouri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौथे दिन भी आतंकियों की तलाश के लिए सर्च आप्रेशन चला लेकिन नहीं मिली कामयाबी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चौथे दिन भी आतंकियों की तलाश के लिए सर्च आप्रेशन चला लेकिन नहीं मिली कामयाबी
Updated Wed, 28 Mar 2018 11:21 AM IST
विज्ञापन
indian army
- फोटो : Amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुंदरबनी। सुंदरबनी के जंगलों में पिछले चार दिन से आतंकियों की तलाश में जुटी सेना तथा पुलिस को चौथे दिन भी कोई सफलता हाथ नहीं लग पाई है। हालांकि रविवार देर रात भरोड़ से एक दुकान से आतंकियों द्वारा बर्फी, चाकलेट, चिप्स, सिगरेट आदि खरीदने तथा सोमवार देर रात किसी के घर से खाना ले जाने के बाद आतंकियों की संख्या तथा इस बात का पक्का यकीन हो गया है कि आतंकी जोगीनाला भजवाल के जंगलों में ही छुपे हुए हैं, लेकिन घने जंगल और पहाड़ियां होने के कारण सेना तथा पुलिस का आतंकियों तक पहुंचना असंभव हो रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार देर रात दो आतंकियों ने भरोड़ गांव से एक दुकान से खाने पीने का सामान खरीदकर पास के जंगलों में चले गए तथा दूसरे दिन सोमवार देर शाम भरोड़ से तकरीबन तीन किलोमीटर दूरी पर गांव जोगीनाला में एक घर में दो आतंकी आए उन्होंने पहले कोल्डड्रिंक की मांग की लेकिन कोल्डड्रिंक नहीं मिलने पर उन्होंने खाने तथा पानी की मांग की घरवालों ने जब खाना कम दिया तो उन्होंने चार साथी और होने की बात कही।
खाना देने मे असमर्थता जताने पर आतंकी थोड़ा सा खाना लेकर चले गए। आतंकियों की सूचना होने के कारण उस घर से कुछ ही दूरी पर सेना तथा पुलिस का नाका होने के कारण जब नाके पर इस घटना की सूचना मिली तो सेना तथा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो इस बात की पुख्ता सूचना हो गई कि जोगीनाला के जंगलों में छह आतंकियों का झुंड घूम रहा है।
विज्ञापन
मंगलवार से सेना तथा पुलिस की ओर से जोगीनाला तथा इसके आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान चला, लेकिन देर शाम तक कुछ भी हाथ नहीं लग पाया। सूत्रों का कहना है कि तकरीबन एक सप्ताह से सुंदरबनी तथा खौड़ क्षेत्र में भटक रहे आतंकियों का यह सेना तथा पुलिस की सख्त नाकेबंदी तथा कोई स्थानीय गाइड न मिल पाने के कारण रास्ता भटक चुका है और उनके पास खाने की कमी हो जाने के कारण परेशान होकर धीरे-धीरे खाने के लिए रिहायशी क्षेत्र की ओर आ रहे हैं।
जिससे अब जंगलों के साथ लगते गांवों जोगीनाला, खब्बल फाल भरोड़, पैली, लम्मन, कुंड नड़ानी भिंडी के लोगों में काफी दहशत बनी हुई है और लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं । हालांकि जानकारी यह भी मिली कि आतंकी रिवाड़िया तला गांव में पहुंचे हैं और वहां से खानपान व अन्य जरूरत का सामान खरीदा और झाड़ियों की तरफ चले गए। गांव में बीएसएफ व सीआरपीएफ के कैंप भी बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार देर रात दो आतंकियों ने भरोड़ गांव से एक दुकान से खाने पीने का सामान खरीदकर पास के जंगलों में चले गए तथा दूसरे दिन सोमवार देर शाम भरोड़ से तकरीबन तीन किलोमीटर दूरी पर गांव जोगीनाला में एक घर में दो आतंकी आए उन्होंने पहले कोल्डड्रिंक की मांग की लेकिन कोल्डड्रिंक नहीं मिलने पर उन्होंने खाने तथा पानी की मांग की घरवालों ने जब खाना कम दिया तो उन्होंने चार साथी और होने की बात कही।
विज्ञापन
खाना देने मे असमर्थता जताने पर आतंकी थोड़ा सा खाना लेकर चले गए। आतंकियों की सूचना होने के कारण उस घर से कुछ ही दूरी पर सेना तथा पुलिस का नाका होने के कारण जब नाके पर इस घटना की सूचना मिली तो सेना तथा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो इस बात की पुख्ता सूचना हो गई कि जोगीनाला के जंगलों में छह आतंकियों का झुंड घूम रहा है।
विज्ञापन
मंगलवार से सेना तथा पुलिस की ओर से जोगीनाला तथा इसके आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान चला, लेकिन देर शाम तक कुछ भी हाथ नहीं लग पाया। सूत्रों का कहना है कि तकरीबन एक सप्ताह से सुंदरबनी तथा खौड़ क्षेत्र में भटक रहे आतंकियों का यह सेना तथा पुलिस की सख्त नाकेबंदी तथा कोई स्थानीय गाइड न मिल पाने के कारण रास्ता भटक चुका है और उनके पास खाने की कमी हो जाने के कारण परेशान होकर धीरे-धीरे खाने के लिए रिहायशी क्षेत्र की ओर आ रहे हैं।
जिससे अब जंगलों के साथ लगते गांवों जोगीनाला, खब्बल फाल भरोड़, पैली, लम्मन, कुंड नड़ानी भिंडी के लोगों में काफी दहशत बनी हुई है और लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं । हालांकि जानकारी यह भी मिली कि आतंकी रिवाड़िया तला गांव में पहुंचे हैं और वहां से खानपान व अन्य जरूरत का सामान खरीदा और झाड़ियों की तरफ चले गए। गांव में बीएसएफ व सीआरपीएफ के कैंप भी बताए जा रहे हैं।