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कालाकोट निवासी सब्जी विक्रेता की संदिग्ध मौत की जांच तेज
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राजोरी। काकालोट निवासी सब्जी विक्रेता सुनील कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले की जांच पुलिस ने तेज करते हुए थाने के मुंशी को निलंबित कर दिया है।
पुलिस के अनुसार सुनील कुमार नामक सब्जी विक्रेता निवासी कालाकोट के खिलाफ कालाकोट थाने में एक विधवा निवासी डीसी कॉलोनी राजोेरी साफिया बेगम ने शिकायत दर्ज कराई कि सुनील कुमार के बैंक खाते में गलत तरीके से 44, 000 रुपये की राशि स्थानांतरित कर दी थी। जब विधवा ने सुनील से संपर्क किया तो वह पैसे वापस करने को तैयार नहीं हुआ। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुनील कुमार को तलब किया, और स्थानांतरित धन महिला को वापस करने के लिए कहा। सुनील वो रुपये महिला को देने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसी सिलसिले में पुलिस ने सुनील से पूछताछ के लिए थाने भी बुलाया। पुलिस द्वारा बार-बार महिला को उसके रुपये देने के दबाव के चलते सुनील ने वीरवार शाम को अपने घर में कोई जहरीला पदार्थ खा लिया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक सुनील के परिवार ने शुक्रवार को पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया और उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। पुलिस के डर और अपने आत्म सम्मान को लेकर उसने आत्महत्या की है। मृतक के परिवार वालों ने कालाकोट थाने में तैनात मुंशी और कुछ अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की मांग की।
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इस संबंध में एसडीपीओ नौशेरा तौसीफ अहमद ने बताया कि सुनील कुमार की संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद बहुत कुछ सामने आएगा। एसडीपीओ ने बताया कि कालाकोट थाने में तैनात मुंशी मुसवर अहमद को निलंबित कर दिया गया है और मामले में जांच की जा रही है कि जब विधवा ने शिकायत दर्ज की तो मुंशी ने एसएचओ को बिना बताए ही कार्रवाई शुरू कर दी। एसडीपीओ ने बताया कि मृतक सुनील को उकसाने में निलंबित मुंशी का हाथ है या नहीं ये जांच का विषय है, लेकिन विधवा की शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस हर पहलु से निष्पक्ष जांच करेगी, ताकि न्याय हो सके।
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पुलिस के अनुसार सुनील कुमार नामक सब्जी विक्रेता निवासी कालाकोट के खिलाफ कालाकोट थाने में एक विधवा निवासी डीसी कॉलोनी राजोेरी साफिया बेगम ने शिकायत दर्ज कराई कि सुनील कुमार के बैंक खाते में गलत तरीके से 44, 000 रुपये की राशि स्थानांतरित कर दी थी। जब विधवा ने सुनील से संपर्क किया तो वह पैसे वापस करने को तैयार नहीं हुआ। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुनील कुमार को तलब किया, और स्थानांतरित धन महिला को वापस करने के लिए कहा। सुनील वो रुपये महिला को देने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसी सिलसिले में पुलिस ने सुनील से पूछताछ के लिए थाने भी बुलाया। पुलिस द्वारा बार-बार महिला को उसके रुपये देने के दबाव के चलते सुनील ने वीरवार शाम को अपने घर में कोई जहरीला पदार्थ खा लिया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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मृतक सुनील के परिवार ने शुक्रवार को पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया और उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। पुलिस के डर और अपने आत्म सम्मान को लेकर उसने आत्महत्या की है। मृतक के परिवार वालों ने कालाकोट थाने में तैनात मुंशी और कुछ अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की मांग की।
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इस संबंध में एसडीपीओ नौशेरा तौसीफ अहमद ने बताया कि सुनील कुमार की संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद बहुत कुछ सामने आएगा। एसडीपीओ ने बताया कि कालाकोट थाने में तैनात मुंशी मुसवर अहमद को निलंबित कर दिया गया है और मामले में जांच की जा रही है कि जब विधवा ने शिकायत दर्ज की तो मुंशी ने एसएचओ को बिना बताए ही कार्रवाई शुरू कर दी। एसडीपीओ ने बताया कि मृतक सुनील को उकसाने में निलंबित मुंशी का हाथ है या नहीं ये जांच का विषय है, लेकिन विधवा की शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस हर पहलु से निष्पक्ष जांच करेगी, ताकि न्याय हो सके।