{"_id":"60bd18c48ebc3ed48e59b6e5","slug":"corona-rajouri-news-jmu2367808153","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजोरी में कोरोना संक्रमण से 1 की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजोरी में कोरोना संक्रमण से 1 की मौत
विज्ञापन
कोविड केयर सेंटर मे पॉजिटिव बच्चे
- फोटो : RAJOURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। जिले में रविवार को कोरोना संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि 46 नए मामले सामने आए हैं। इन नए मामलों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार को जिले के कालाकोट तहसील के कुरलिया निवासी एक व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जीएमसी राजोरी में भर्ती किया गया था, जहां रविवार को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसके अलावा जिले में 46 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें दरहाल से नौ, कालाकोट से सात, कंडी से सात, नौशेरा से दो, मंजाकोट राजोरी से 16 और सुंदरबनी ब्लॉक से पांच लोग शामिल हैं। साथ ही, इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी आयु चार से 14 साल के बीच बताई जा रही है।
कोविड की संभावित तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक होने की भविष्यवाणी सुनकर लोगों में दहशत पैदा हो गई है। इससे निपटने के लिए जीएमसी और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। पहली लहर में कुछ बच्चे ही वायरस से संक्रमित हुए थे और दूसरी लहर के दौरान संक्रमित बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई। जानकारी के अनुसार जिले में 1 जून से लेकर 6 जून तक 390 पॉजिटिव व्यक्ति मिले हैं, जिनमें 51 बच्चे हैं। इन बच्चों में से 12 की आयु एक से 10 वर्ष के बीच और 39 बच्चे 10 से 18 वर्ष के बीच हैं।
विज्ञापन
18 महीने के एक बच्चे को छोड़कर सभी संक्रमित बच्चे होम आइसोलेशन में हैं। एक पॉजिटिव बच्चे का इलाज सरकारी मेडिकल कॉलेज और एसोशिएटेड अस्पताल में चल रहा था और अब वह बच्चा कोरोना को मात दे चुका है। जीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महमूद अहमद ने बताया कि बच्चा ठीक है और स्थिर है, लेकिन उसे हृदय परामर्श के लिए जम्मू के एक सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
वर्तमान में कोविड के 66 मरीजों का इलाज जीएमसी के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है, जबकि अस्पतालों में भर्ती कुल 626 में से अब तक 443 मरीज ठीक हो चुके हैं। हाल ही में एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर के दौरान बच्चे सबसे ज्यादा संक्रमित होंगे। वहीं, डॉ. महमूद ने कहा कि बच्चों में संक्रमण अब तक हल्का रहा है, लेकिन आशंका के बाद जीएमसी में बच्चों के लिए 15 बिस्तरों वाला आइसोलेशन वार्ड रिजर्व रखा गया है। नौ बिस्तरों वाली पेडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) भी स्थापित की जा रही है, जिसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार रविवार को जिले के कालाकोट तहसील के कुरलिया निवासी एक व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जीएमसी राजोरी में भर्ती किया गया था, जहां रविवार को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसके अलावा जिले में 46 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें दरहाल से नौ, कालाकोट से सात, कंडी से सात, नौशेरा से दो, मंजाकोट राजोरी से 16 और सुंदरबनी ब्लॉक से पांच लोग शामिल हैं। साथ ही, इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी आयु चार से 14 साल के बीच बताई जा रही है।
विज्ञापन
कोविड की संभावित तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक होने की भविष्यवाणी सुनकर लोगों में दहशत पैदा हो गई है। इससे निपटने के लिए जीएमसी और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। पहली लहर में कुछ बच्चे ही वायरस से संक्रमित हुए थे और दूसरी लहर के दौरान संक्रमित बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई। जानकारी के अनुसार जिले में 1 जून से लेकर 6 जून तक 390 पॉजिटिव व्यक्ति मिले हैं, जिनमें 51 बच्चे हैं। इन बच्चों में से 12 की आयु एक से 10 वर्ष के बीच और 39 बच्चे 10 से 18 वर्ष के बीच हैं।
विज्ञापन
18 महीने के एक बच्चे को छोड़कर सभी संक्रमित बच्चे होम आइसोलेशन में हैं। एक पॉजिटिव बच्चे का इलाज सरकारी मेडिकल कॉलेज और एसोशिएटेड अस्पताल में चल रहा था और अब वह बच्चा कोरोना को मात दे चुका है। जीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महमूद अहमद ने बताया कि बच्चा ठीक है और स्थिर है, लेकिन उसे हृदय परामर्श के लिए जम्मू के एक सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
वर्तमान में कोविड के 66 मरीजों का इलाज जीएमसी के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है, जबकि अस्पतालों में भर्ती कुल 626 में से अब तक 443 मरीज ठीक हो चुके हैं। हाल ही में एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर के दौरान बच्चे सबसे ज्यादा संक्रमित होंगे। वहीं, डॉ. महमूद ने कहा कि बच्चों में संक्रमण अब तक हल्का रहा है, लेकिन आशंका के बाद जीएमसी में बच्चों के लिए 15 बिस्तरों वाला आइसोलेशन वार्ड रिजर्व रखा गया है। नौ बिस्तरों वाली पेडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) भी स्थापित की जा रही है, जिसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।