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राजोरी में 185 कर्मियों को टीकाकरण करने का लक्ष्य
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जीएमसी राजौरी में कोरोना वैक्सीनएशियन करवाते स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मचारी
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राजोरी। कोविड-19 जैसी घातक बीमारी से बचाने के लिए फ्रंटलाइन वर्करों के लिए राजोरी में टीकाकरण अभियान शनिवार को शुरू हुआ। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि यह अभियान शुरू हो गया है। जिले में दो स्थानों पर 127 स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका किया गया है। अभियान का उद्घाटन जीएमसी राजोरी में किया गया।
राजोरी में कोविड-19 टीकाकरण का पहला टीका जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. कुलदीप सिंह को लगाया गया। उसके बाद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों जिनमें डॉक्टर, पैरा मेडिकल कर्मी, सफाईकर्मी आशा वर्कर आदि शामिल रहे, को कोरोना जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए टीके लगाए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमीम ने कहा कि जिले में दो साइटें हैं। एक जीएमसी राजोरी और दूसरा उप जिला अस्पताल सुंदरबनी, जहां टीकाकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि जीएमसी में 94 और सुंदरबनी में 91 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को कोरोना टीकाकरण करने को मंजूरी मिली थी, लेकिन पहले दिन जीएमसी में 50 और सुंदरबनी में 77 फ्रंटलाइन वर्करों को टीके लगाए गए।
अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारी भी कोरोना टीकाकरण के लिए खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते पहले दिन वह अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाए। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में भी स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि पूरा लक्ष्य हासिल किया जा सके। सीएमओ ने बताया कि सोमवार को भी यह सिलसिला जारी रहेगा।
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वहीं जीएमसी में कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत करने के बाद एडीसी ने कहा कि पहला टीका लगने के बाद 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी। इसके बाद भी 14 दिन इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को टीका लगने के बाद भी सावधानियां बरतनी होंगी। जिले में कोरोना के मामलों में काफी कमी दर्ज की गई है, जो राहत की बात है। कोरोना वैक्सीन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वैज्ञानिकों को धन्यवाद किया। एडीसी ने स्वास्थ्य कर्मचारियों से कहा कि वो खुलकर सामने और कोरोना से बचने के लिए टीके लगवाएं ताकि कोरोना जैसी घातक बीमारी को राजोरी से मिटाया जा सके।
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राजोरी में कोविड-19 टीकाकरण का पहला टीका जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. कुलदीप सिंह को लगाया गया। उसके बाद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों जिनमें डॉक्टर, पैरा मेडिकल कर्मी, सफाईकर्मी आशा वर्कर आदि शामिल रहे, को कोरोना जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए टीके लगाए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमीम ने कहा कि जिले में दो साइटें हैं। एक जीएमसी राजोरी और दूसरा उप जिला अस्पताल सुंदरबनी, जहां टीकाकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि जीएमसी में 94 और सुंदरबनी में 91 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को कोरोना टीकाकरण करने को मंजूरी मिली थी, लेकिन पहले दिन जीएमसी में 50 और सुंदरबनी में 77 फ्रंटलाइन वर्करों को टीके लगाए गए।
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अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारी भी कोरोना टीकाकरण के लिए खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते पहले दिन वह अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाए। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में भी स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि पूरा लक्ष्य हासिल किया जा सके। सीएमओ ने बताया कि सोमवार को भी यह सिलसिला जारी रहेगा।
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वहीं जीएमसी में कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत करने के बाद एडीसी ने कहा कि पहला टीका लगने के बाद 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी। इसके बाद भी 14 दिन इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को टीका लगने के बाद भी सावधानियां बरतनी होंगी। जिले में कोरोना के मामलों में काफी कमी दर्ज की गई है, जो राहत की बात है। कोरोना वैक्सीन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वैज्ञानिकों को धन्यवाद किया। एडीसी ने स्वास्थ्य कर्मचारियों से कहा कि वो खुलकर सामने और कोरोना से बचने के लिए टीके लगवाएं ताकि कोरोना जैसी घातक बीमारी को राजोरी से मिटाया जा सके।