{"_id":"c98ea3223e092eafa74320142350c2f9","slug":"consumers-in-problem-for-wrong-details-in-rashan-card-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलतियों से भरी सूचियां देख उपभोक्ता परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलतियों से भरी सूचियां देख उपभोक्ता परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) को लागू करने के साथ ही नए राशन कार्ड बनाने का सिलसिला भी शुरू हो गया था। जिले में नए राशन कार्ड बनाने के लिए तैयार की गई सूचियों को देख कर लगता है कि कर्मचारियों ने बिना देखे ही सूचियां तैयार कर दी हैं।
विज्ञापन
नए राशन कार्ड बनाने के लिए तैयार की जा रही सूचियों में कई नाम दो बार लिखे गए हैं, जबकि कई लोगों के नाम सूचियों में कहीं भी नहीं हैं। इतना ही नहीं कई जगहों पर मृतकों को भी जिंदा रख सूचियों में नाम दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा उपभोक्ताओं की आमदनियों का विवरण भी गुमराह करने वाला है।
विज्ञापन
उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण विभाग और राजस्व विभाग को ऐसी सभी सूचियों की दोबारा से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जिनमें बड़े पैमाने पर गलतियां की गई हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार मंजाकोट तहसील के एक गांव की सूची में आधे से भी अधिक लोगों के नाम गायब हैं, जबकि इनकी जगह दूसरे गांव के लोगों को शामिल किया गया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि मृतक अशोक कुमार पुत्र तोला राम, कृष्णा बंती पत्नी जगदीश राज को उन सूचियों में रखा गया है, जबकि दोनों की मौत को कई साल बीत चुके हैं।
इसी तरह से बुद्धल तहसील के केवल गांव के मोहम्मद फारूक का नाम तीन बार सूचियों में दाखिल किया गया है। इसके अलावा अब्दुल कयूम, मोहम्मद अस्लम आदि कई अन्य नामों को भी एक से अधिक बार डाला गया है।
क्षेत्र के कुछ मृतकों के नाम जैसे हसन मोहम्मद, हाकम बी, सैफउल्ला, हाशम दीन ऐसे लोग हैं जिन की मौत कई साल पहले हो चुकी है, लेकिन नई सूचियों में इनका नाम रखा गया है।
सीएपीडी विभाग ने गलत नाम दर्ज करने के इलावा आमदनी को लेकर भी हेरा फेरी की है। केवल के एक शिक्षक का नाम दो सूचियों में दर्ज किया गया है। पहली सूची में आमदनी एक हजार रुपये और दूसरी सूची में आमदनी 20 हजार रुपये बताई गई है।
एक पुलिस कर्मी की आमदनी मात्र तीन हजार रुपये बताई गई है। जिले के अन्य गावों से भी इस प्रकार की गलतियों की बात सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार इतने बढ़े पैमाने पर गलतियों के पीछे जल्दबाजी में नए राशन कार्ड बनाने की बात कही जा रही है। राजस्व विभाग के एक उच्च अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इतनी बढ़ी गलतियों को ठीक करने के लिए बहुत अधिक समय चाहिए। उन्होंने बताया कि वह सभी सूचियों की जांच कर रहे हैं।
वहीं इस संबंध में डीसी राजोरी शब्बीर अहमद बट्ट से बात करने पर उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इन सभी सूचियों को ठीक करने का काम किया जा रहा है।
उन्होंनें कहा कि सूचियों में नए लोगों को दाखिल करने और पुरानों को काटने का काम किया जा रहा है। डीसी के अनुसार गलत नामों को ठीक करने का काम तेजी से किया जा रहा है।
वहीं बुद्धल दरहाल विस क्षेत्र के पूर्व एमएलए एवं पूर्व वन मंत्री ठाकुर पूरण सिंह को मासिक आमदनी मात्र 3 हजार रुपये दिखाई गई है। टीएसओ कोटरंका द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार पूर्व मंत्री को एपीएल कैटेगरी में रखा गया है और आमदनी मात्र तीन हजार रुपये बताई गई है।