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3400 जलाशयों की हो चुकी मरम्मत
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राजोेरी। पीडब्ल्यूडी डाक बंगला के सम्मेलन हॉल में जल शक्ति अभियान कैच द रेन पर कार्यशाला आयोजित किया गया। इस दौरान निदेशक यूएससी पंकज पांडे ने जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर जोर दिया। साथ ही जल स्तर में गिरावट और पानी की मांग में वृद्धि की ओर भी इशारा किया। इस मौके पर डीसी ने कहा कि जिले में 3400 से अधिक जलाशयों की मरम्मत की जा चुकी है। मनरेगा के तहत जल संचयन कार्यों पर भी जोर दिया जा रहा है।
पंकज पांडे ने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत बारिश के पानी को प्रयोग के लिए अग्रिम योजना लागू की जा रही है। जल संरक्षण के लिए किए जा रहे विभिन्न उपायों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में कई उपाय कर रही है। प्रकृति के इस अमूल्य उपहार को संरक्षित करने के लिए इन प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है। कार्यशाला के दौरान उपायुक्त विकास कुंडल ने कैच द रेन अभियान के उद्देश्य को स्पष्ट किया। कहा कि जिला प्रशासन पानी को संरक्षित करने के लिए बहुआयामी रणनीति पर काम कर रहा है।
डीडीसी ने कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों का दोहन और उसका उचित प्रबंधन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में अभियान की सफलता के लिए सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभियान को गति देने के लिए आम जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है।
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पंकज पांडे ने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत बारिश के पानी को प्रयोग के लिए अग्रिम योजना लागू की जा रही है। जल संरक्षण के लिए किए जा रहे विभिन्न उपायों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में कई उपाय कर रही है। प्रकृति के इस अमूल्य उपहार को संरक्षित करने के लिए इन प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है। कार्यशाला के दौरान उपायुक्त विकास कुंडल ने कैच द रेन अभियान के उद्देश्य को स्पष्ट किया। कहा कि जिला प्रशासन पानी को संरक्षित करने के लिए बहुआयामी रणनीति पर काम कर रहा है।
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डीडीसी ने कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों का दोहन और उसका उचित प्रबंधन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में अभियान की सफलता के लिए सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभियान को गति देने के लिए आम जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है।
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