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नियंत्रण रेखा के लोगों में संघर्ष विराम रुकने पर खुशी
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नौशेरा। संघर्ष विराम पर दोनों देशों की सहमति बनने का लोगों ने स्वागत किया है। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया है कि इस तरह से दोनों देश के लोग, किसान सुरक्षित रहेंगे। वे सीमा से सटे क्षेत्र में अच्छी तरह से खेती आदि कर सकेंगे और खुशहाल जिंदगी बसर करेंगेे।
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दोनों देशों के फैसले का स्वागत करते हैं। पाकिस्तान को इस पर कायम रहना चाहिए। नौशेरा एलओसी क्षेत्र में पाकिस्तान की गोलाबारी से राहत मिलेगी। लोग चैन से रह सकेंगे। गोलाबारी न होने पर ग्रामीण खेतीबाड़ी कर सकेंगे। वर्षों बाद भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम के समझौता पर लोगों को राहत मिल पाएगी
-सुनीता देवी, सरपंच, पंचायत खंबा
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भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम को रोके जाने के फैसले से लोगों को काफी राहत मिलेगा। सीमा पर गोलाबारी रुकने से शांति व खुशहाली आने से क्षेत्र का विकास होगा।
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-रविंदर कुमार, प्रधान, जाट यूथ सभा
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भारत पाकिस्तान के इस समझौते से वर्षों से एलओसी के लोगों को पाकिस्तान की गोलाबारी से निजात मिलेगी। पाकिस्तानी गोलाबारी रुकने से ग्रामीण चैन की नींद सो सकेंगे। हालांकि पाकिस्तान का कोई भरोसा नहीं।
-सुरजीत सिं, सरपंच, पंचायत डंकका
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दोनों देशों का अच्छा फैसला है। मगर पाकिस्तान को इस पर कायम रहना चाहिए। आए दिन पाकिस्तान की गोलाबारी से तंग आ चुके लोग राहत की सांस ले सकेंगे। हर वक्त गोलाबारी रहती है। संघर्ष विराम के फैसले का स्वागत करते है।
-रमेश चौधरी, सरपंच, पंचायत डींग
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गोलाबारी से अनगिनत जानें जा चुकी हैं
नौशेरा। भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी रोकने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर बातचीत का एलओसी क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया है। ज्ञात रहे कि नौशेरा नियंत्रण रेखा से सटे गांव कलसियां, भवानी, शेर मकड़ी, खंबा, झांगड, कलाल, डंनका, भजनोवा, पुखरनी आदि क्षेत्रों में आए दिन पाकिस्तान की गोलाबारी से लोगों के साथ-साथ, मवेशियों की अनगिनत जान जा चुकी है। घरों के साथ-साथ खेतीबाड़ी भी प्रभावित होने के कारण नियंत्रण रेखा के नजदीक बसने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस संबंध में सुनील चौधरी सरपंच पंचायत भवानी-ए ने बताया कि संघर्ष विराम के लिए बनी सहमति का स्वागत करते हैं। गांव के लोग गोलाबारी के डर से घर से बाहर नहीं निकलते है। गोलाबारी न होने के कारण किसान खेतीबाड़ी कर पाएंगे।
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दोनों देशों के फैसले का स्वागत करते हैं। पाकिस्तान को इस पर कायम रहना चाहिए। नौशेरा एलओसी क्षेत्र में पाकिस्तान की गोलाबारी से राहत मिलेगी। लोग चैन से रह सकेंगे। गोलाबारी न होने पर ग्रामीण खेतीबाड़ी कर सकेंगे। वर्षों बाद भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम के समझौता पर लोगों को राहत मिल पाएगी
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-सुनीता देवी, सरपंच, पंचायत खंबा
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भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम को रोके जाने के फैसले से लोगों को काफी राहत मिलेगा। सीमा पर गोलाबारी रुकने से शांति व खुशहाली आने से क्षेत्र का विकास होगा।
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-रविंदर कुमार, प्रधान, जाट यूथ सभा
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भारत पाकिस्तान के इस समझौते से वर्षों से एलओसी के लोगों को पाकिस्तान की गोलाबारी से निजात मिलेगी। पाकिस्तानी गोलाबारी रुकने से ग्रामीण चैन की नींद सो सकेंगे। हालांकि पाकिस्तान का कोई भरोसा नहीं।
-सुरजीत सिं, सरपंच, पंचायत डंकका
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दोनों देशों का अच्छा फैसला है। मगर पाकिस्तान को इस पर कायम रहना चाहिए। आए दिन पाकिस्तान की गोलाबारी से तंग आ चुके लोग राहत की सांस ले सकेंगे। हर वक्त गोलाबारी रहती है। संघर्ष विराम के फैसले का स्वागत करते है।
-रमेश चौधरी, सरपंच, पंचायत डींग
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गोलाबारी से अनगिनत जानें जा चुकी हैं
नौशेरा। भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी रोकने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर बातचीत का एलओसी क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया है। ज्ञात रहे कि नौशेरा नियंत्रण रेखा से सटे गांव कलसियां, भवानी, शेर मकड़ी, खंबा, झांगड, कलाल, डंनका, भजनोवा, पुखरनी आदि क्षेत्रों में आए दिन पाकिस्तान की गोलाबारी से लोगों के साथ-साथ, मवेशियों की अनगिनत जान जा चुकी है। घरों के साथ-साथ खेतीबाड़ी भी प्रभावित होने के कारण नियंत्रण रेखा के नजदीक बसने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस संबंध में सुनील चौधरी सरपंच पंचायत भवानी-ए ने बताया कि संघर्ष विराम के लिए बनी सहमति का स्वागत करते हैं। गांव के लोग गोलाबारी के डर से घर से बाहर नहीं निकलते है। गोलाबारी न होने के कारण किसान खेतीबाड़ी कर पाएंगे।