{"_id":"5ff89b888ebc3e2e536207d6","slug":"bird-flu-rajouri-news-jmu2264992127","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदिग्ध परिस्थितियों में राजोरी मे पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संदिग्ध परिस्थितियों में राजोरी मे पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी
विज्ञापन
शहर मे मिले मृत कौवे और सैंपल लेती टीम सदस्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। संदिग्ध परिस्थितियों में पक्षियों की मौत का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से दो कौवों को मृत पाया गया। जानकारी के अनुसार ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के पास और यहीं से करीब 100 मीटर की दूरी पर दो कौवे मृत पाए गए। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी। इसके बाद विशेष टीमों ने मृत कौवों के भी सैंपल लेकर कर जांच के लिए जम्मू भेज दिया।
इस संबंध में पशु पालन विभाग के डॉ. जोगिंदर गुप्ता ने बताया कि टीम ने एवियन इन्फ्लूएंजा (ए एच 5 एन1) के निदान के लिए कुछ मृतक पक्षियों के गले और नाक के सैंपल एकत्र किए हैं। उनको जम्मू स्थित रीजनल डिजीज डायगनोस्टिक लेबोरेटरी (आरडीडीएल) के डिप्टी डायरेक्टर को भेजा है। डॉ. के अनुसार जम्मू से इन सैंपल को जालंधर स्थित डायगनोस्टिक लैब में भेजा जाएगा ताकि इसकी पुष्टि हो सके कि क्या बर्ड फ्लू के कारण या किसी अन्य कारण से कौवे की मौत हुई है।
बता दें कि कुछ दिन से राजोरी के कुछ इलाकों से संदिग्ध परिस्थितियों में पक्षियों के मारे जाने के समाचार मिल रहे हैं। देश के कई अन्य हिस्सों में बर्ड फ्लू बीमारी के चलते राजोेरी में पक्षियों की संदिग्ध मौत से लोगों में दहशत है। लोगोें का कहना है कि तत्काल ये सच सामने आए कि राजोेरी में मारे गए पक्षियों की मौत के पीछे कारण क्या थे।
विज्ञापन
----
पक्षियों की संदिग्ध मौत का मामला
पोल्ट्री पक्षियों, प्रवासी पक्षियों और जंगली पक्षियों में फ्लू की स्थिति की निगरानी के लिए मुख्य पशुपालन अधिकारी राजोरी ने ब्लॉक स्तर की समितियों का गठन किया है। प्रत्येक ब्लॉक स्तरीय टीम में चार सदस्य हैं। हर समिति को अपने-अपने ब्लॉकों में जंगली पक्षियों, पोल्ट्री पक्षियों और प्रवासी पक्षियों की किसी रुग्णता या मृत्यु दर के बारे में दैनिक रिपोर्ट मुख्य पशुपालन अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।
विज्ञापन
इस संबंध में पशु पालन विभाग के डॉ. जोगिंदर गुप्ता ने बताया कि टीम ने एवियन इन्फ्लूएंजा (ए एच 5 एन1) के निदान के लिए कुछ मृतक पक्षियों के गले और नाक के सैंपल एकत्र किए हैं। उनको जम्मू स्थित रीजनल डिजीज डायगनोस्टिक लेबोरेटरी (आरडीडीएल) के डिप्टी डायरेक्टर को भेजा है। डॉ. के अनुसार जम्मू से इन सैंपल को जालंधर स्थित डायगनोस्टिक लैब में भेजा जाएगा ताकि इसकी पुष्टि हो सके कि क्या बर्ड फ्लू के कारण या किसी अन्य कारण से कौवे की मौत हुई है।
विज्ञापन
बता दें कि कुछ दिन से राजोरी के कुछ इलाकों से संदिग्ध परिस्थितियों में पक्षियों के मारे जाने के समाचार मिल रहे हैं। देश के कई अन्य हिस्सों में बर्ड फ्लू बीमारी के चलते राजोेरी में पक्षियों की संदिग्ध मौत से लोगों में दहशत है। लोगोें का कहना है कि तत्काल ये सच सामने आए कि राजोेरी में मारे गए पक्षियों की मौत के पीछे कारण क्या थे।
विज्ञापन
----
पक्षियों की संदिग्ध मौत का मामला
पोल्ट्री पक्षियों, प्रवासी पक्षियों और जंगली पक्षियों में फ्लू की स्थिति की निगरानी के लिए मुख्य पशुपालन अधिकारी राजोरी ने ब्लॉक स्तर की समितियों का गठन किया है। प्रत्येक ब्लॉक स्तरीय टीम में चार सदस्य हैं। हर समिति को अपने-अपने ब्लॉकों में जंगली पक्षियों, पोल्ट्री पक्षियों और प्रवासी पक्षियों की किसी रुग्णता या मृत्यु दर के बारे में दैनिक रिपोर्ट मुख्य पशुपालन अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।