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छात्रों, पैरामेडिकल कर्मियों और पुलिस कर्मियों को किया गया जागरूक
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छात्रों, पैरामेडिकल कर्मियों और पुलिस कर्मियों को किया गया जागरूक
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राजोरी। बोन एंड जॉइंट दिवस पर बुधवार को जीएमसी के इंडियन ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन जम्मू-कश्मीर चैप्टर और ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने एक कार्यशाला का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता जीएमसी के प्रधानाचार्य डॉ. बृज मोहन ने की। इसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महमूद हुसैन विशेष रूप से उपस्थिति रहे।
जीवन के मूल आधार पर आयोजित कार्यशाला में एचओडी, फैकल्टी, पैरामेडिकल स्टाफ, छात्रों और पुलिसकर्मियों सहित लगभग सौ लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. शलिंदर शर्मा ने जागरूकता भाषण दिया। वहीं, डॉ. इरफान सहायक प्रोफेसर ऑर्थो, डॉ. सोहेल बांडे सहायक प्रोफेसर एनेस्थीसिया और डॉ. वसीम चौहान एनेस्थेटिस्ट ने छात्रों और पुलिस कर्मियों को कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन पर प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों, पैरामेडिकल कर्मियों और पुलिसकर्मियों को बुनियादी जीवन रक्षक प्रशिक्षण में प्रशिक्षित करना था। उन्हें दुर्घटना पीड़ितों के गोल्डन हॉर्स के प्रबंधन के बारे में जागरूक करना और मृत्यु दर को कम करने के साथ-साथ व्यायाम, योग और आउटडोर खेलों से हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखना था।
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जीवन के मूल आधार पर आयोजित कार्यशाला में एचओडी, फैकल्टी, पैरामेडिकल स्टाफ, छात्रों और पुलिसकर्मियों सहित लगभग सौ लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. शलिंदर शर्मा ने जागरूकता भाषण दिया। वहीं, डॉ. इरफान सहायक प्रोफेसर ऑर्थो, डॉ. सोहेल बांडे सहायक प्रोफेसर एनेस्थीसिया और डॉ. वसीम चौहान एनेस्थेटिस्ट ने छात्रों और पुलिस कर्मियों को कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन पर प्रशिक्षण दिया।
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कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों, पैरामेडिकल कर्मियों और पुलिसकर्मियों को बुनियादी जीवन रक्षक प्रशिक्षण में प्रशिक्षित करना था। उन्हें दुर्घटना पीड़ितों के गोल्डन हॉर्स के प्रबंधन के बारे में जागरूक करना और मृत्यु दर को कम करने के साथ-साथ व्यायाम, योग और आउटडोर खेलों से हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखना था।
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