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अध्यक्ष डीडीसी और डीसी राजोरी ने एसएएससीएम लाभार्थियों के साथ बातचीत की

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अध्यक्ष डीडीसी और डीसी राजोरी ने एसएएससीएम लाभार्थियों के साथ बातचीत की - फोटो : RAJOURI
राजोेरी। डीडीसी अध्यक्ष नसीम लियाकत और उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने बुधवार को सक्षम लाभार्थियों से बातचीत की। एसएएससीएम जम्मू-कश्मीर सरकार की एक नई शुरू की गई योजना है। इसके तहत जीवित पति या पत्नी और प्रभावित परिवारों के सबसे बड़े जीवित सदस्य को 1000 रुपये की विशेष पेंशन मिलेगी। बशर्ते वे अन्य योजनाओं के तहत कोई पेंशन प्राप्त नहीं कर रहे हों। इसका उद्देश्य उन परिवारों का भरण-पोषण सुनिश्चित करना है जिन्होंने कोरोना के कारण अपना एकमात्र कमाने वाला खो दिया है।
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यह योजना उन बच्चों को विशेष छात्रवृत्ति भी प्रदान करती है, जिन्होंने अपने कमाऊ माता-पिता, भाई-बहन, अभिभावकों को कोविड -19 से खो दिया है। विशेष छात्रवृत्ति का भुगतान प्रतिवर्ष 12वीं कक्षा तक 20 हजार और उच्च शिक्षा तक के बच्चों को 40 हजार रुपए मिलेंगे। डीडीसी अध्यक्ष और उपायुक्त ने योजना के तहत कोविड पीड़ितों के परिवारों को 37 छात्रवृत्तियां और समान संख्या में पेंशन स्वीकृति पत्र सौंपे।
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डीडीसी अध्यक्ष ने लाभार्थियों से बातचीत में कहा कि परिषद उन परिवारों और छात्रों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने इस महामारी में अपना एकमात्र रोटी कमाने वाला खो दिया है। उपायुक्त ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में जिला प्रशासन उनके साथ है। इस मुश्किल घड़ी में उन्हें पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। लाभार्थियों ने अध्यक्ष डीडीसी और उपायुक्त को धन्यवाद दिया और महामारी के बीच जरूरतमंद परिवारों की चिंता के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। उपायुक्त ने पीड़ित परिवारों से उनके पुनर्वास के लिए संपर्क करने के लिए उपराज्यपाल को भी धन्यवाद दिया।
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