{"_id":"5ba00a38867a557f6b0b869c","slug":"111537215032-rajouri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्य पशु पालन अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप का मामला,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्य पशु पालन अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप का मामला,
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यौन उत्पीड़न मामले में मुख्य पशुपालन अधिकारी गिरफ्तार
पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने नाके लगा कर धर दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
राजोरी। पशुपालन विभाग के मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. डीबी सिंह पर अपने ही कार्यालय की एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मामले की जांच के लिए गठित टीम जब सोमवार को कार्यालय पहुंची, तो अधिकरी वहां से गायब हो गया था। सुबह करीब 10 बजे ज्वाइंट डायरेक्टर पीआर भारती की टीम जब पशुपालन विभाग के मुख्य अधिकारी के कार्यालय पहुंची तो वहां केवल कर्मचारी ही मिले। अधिकारी के फरार होने की भनक लगते ही पीड़ित महिला कर्मचारी ने पुलिस थाने में भी रिपोर्ट दर्ज करवा दी। इससे पहले कि अधिकारी फरार हो पाता पुलिस ने कई संदिग्ध स्थानों पर नाके लगा दिए। पुलिस ने अधिकारी का मोबाइल फोन सर्विलांस पर डाल दिया व उसकी मदद से पता लगा लिया कि वह कालाकोट में कहीं है। कालाकोट पुलिस ने कई स्थानों पर नाके लगाए तो वह अपने सरकारी वाहन को छोड़ किसी के निजी वाहन में बैठ गया। कालाकोट के त्रियाठ पुलिस चौकी की टीम ने अधिकारी को उस समय धर दबोच लिया, जब वह त्रियाठ से भी कहीं और भागने वाला था। पुलिस ने उसे कालाकोट से राजोरी पुलिस थाने लाया है व पूछताछ शुरू कर दी है।
एसएसपी राजोरी युगल मनहास ने बताया कि पुलिस से वुमेन पुलिस स्टेशन राजोरी में मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. डीबी सिंह के खिलाफ आरपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी के अनुसार अधिकारी को पुलिस की विशेष टीम ने कालाकोट के त्रियाठ इलाके से उस समय गिरफ्तार किया, जब वह एक यात्री वाहन में बैठ कर कहीं और छिपने के लिए जाने वाला था।
कर्मचारियों ने जांच टीम के समक्ष किया प्रदर्शन
ज्वाइंट डायरेक्टर की टीम जब राजोरी कार्यालय पहुंची तो वहां पहले से तैयार बैठे पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने जम कर मुख्य अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की व उसे गिरफ्तार कर जल्द नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की। गुस्साए कर्मचारियों ने बताया कि जब से उक्त अधिकारी राजोरी में तैनात हैं, तब से सभी कर्मचारी परेशान हैं। उसने ड्यूटी के दौरान एक महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न किया है। महिला कर्मचारी को धमकी दी है, उसे दिन रात परेशान किया है। इतना ही नहीं अधिकारी ने महिला कर्मचारी के विवाहित जीवन में दरार डालने का प्रयास भी किया है। यदि ऐसे अधिकारी को छोड़ दिया गया तो भविष्य में महिला कर्मचारियों के लिए नौकरी करना भी संभव नहीं होगा।
विज्ञापन
पीड़ित महिला और अन्य कर्र्मचारियों के बयान दर्ज
जांच करने राजोरी पहुंचे जांच कमेटी के चेयरमैन ज्वाइंट डायरेक्टर पीआर भारती ने बताया कि उन्होंने पीड़ित महिला कर्मचारी व कार्यालय में कार्यरत अन्य कर्मियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। मुख्य अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। अधिकारी को पहले से संदेश दिया गया था कि सोमवार को वह हर हाल में कार्यालय में मौजूद रहें, लेकिन उसके बावजूद वे नहीं मिले। इससे लगता है कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद नहीं हैं। भारती ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपेंगे। आगे की कार्रवाई वहीं करेंगे।
विज्ञापन
पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने नाके लगा कर धर दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
राजोरी। पशुपालन विभाग के मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. डीबी सिंह पर अपने ही कार्यालय की एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मामले की जांच के लिए गठित टीम जब सोमवार को कार्यालय पहुंची, तो अधिकरी वहां से गायब हो गया था। सुबह करीब 10 बजे ज्वाइंट डायरेक्टर पीआर भारती की टीम जब पशुपालन विभाग के मुख्य अधिकारी के कार्यालय पहुंची तो वहां केवल कर्मचारी ही मिले। अधिकारी के फरार होने की भनक लगते ही पीड़ित महिला कर्मचारी ने पुलिस थाने में भी रिपोर्ट दर्ज करवा दी। इससे पहले कि अधिकारी फरार हो पाता पुलिस ने कई संदिग्ध स्थानों पर नाके लगा दिए। पुलिस ने अधिकारी का मोबाइल फोन सर्विलांस पर डाल दिया व उसकी मदद से पता लगा लिया कि वह कालाकोट में कहीं है। कालाकोट पुलिस ने कई स्थानों पर नाके लगाए तो वह अपने सरकारी वाहन को छोड़ किसी के निजी वाहन में बैठ गया। कालाकोट के त्रियाठ पुलिस चौकी की टीम ने अधिकारी को उस समय धर दबोच लिया, जब वह त्रियाठ से भी कहीं और भागने वाला था। पुलिस ने उसे कालाकोट से राजोरी पुलिस थाने लाया है व पूछताछ शुरू कर दी है।
एसएसपी राजोरी युगल मनहास ने बताया कि पुलिस से वुमेन पुलिस स्टेशन राजोरी में मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. डीबी सिंह के खिलाफ आरपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी के अनुसार अधिकारी को पुलिस की विशेष टीम ने कालाकोट के त्रियाठ इलाके से उस समय गिरफ्तार किया, जब वह एक यात्री वाहन में बैठ कर कहीं और छिपने के लिए जाने वाला था।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने जांच टीम के समक्ष किया प्रदर्शन
ज्वाइंट डायरेक्टर की टीम जब राजोरी कार्यालय पहुंची तो वहां पहले से तैयार बैठे पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने जम कर मुख्य अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की व उसे गिरफ्तार कर जल्द नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की। गुस्साए कर्मचारियों ने बताया कि जब से उक्त अधिकारी राजोरी में तैनात हैं, तब से सभी कर्मचारी परेशान हैं। उसने ड्यूटी के दौरान एक महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न किया है। महिला कर्मचारी को धमकी दी है, उसे दिन रात परेशान किया है। इतना ही नहीं अधिकारी ने महिला कर्मचारी के विवाहित जीवन में दरार डालने का प्रयास भी किया है। यदि ऐसे अधिकारी को छोड़ दिया गया तो भविष्य में महिला कर्मचारियों के लिए नौकरी करना भी संभव नहीं होगा।
विज्ञापन
पीड़ित महिला और अन्य कर्र्मचारियों के बयान दर्ज
जांच करने राजोरी पहुंचे जांच कमेटी के चेयरमैन ज्वाइंट डायरेक्टर पीआर भारती ने बताया कि उन्होंने पीड़ित महिला कर्मचारी व कार्यालय में कार्यरत अन्य कर्मियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। मुख्य अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। अधिकारी को पहले से संदेश दिया गया था कि सोमवार को वह हर हाल में कार्यालय में मौजूद रहें, लेकिन उसके बावजूद वे नहीं मिले। इससे लगता है कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद नहीं हैं। भारती ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपेंगे। आगे की कार्रवाई वहीं करेंगे।