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आरईटी शिक्षकों की भूख हड़ताल सातवें दिन भी जारी
Updated Mon, 17 Sep 2018 01:08 AM IST
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राजोरी। अपनी लंबित मांगों को लेकर शुरू की गई आरईटी शिक्षकों की भूख हड़ताल रविवार को 7वें दिन भी जारी रही। ऑल जेएंडके आरईटी शिक्षक, फोरम के बैनर तले आरईटी शिक्षक जिला प्रधान आफताब तांत्रे की अगुवाई में डीसी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व जल्द लंबित मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई।
तांत्रे ने बताया कि सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है और उन्हें मजबूर कर रही है कि वह स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बजाय सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करें। उन्होंने बताया कि एसएसए के तहत कार्य कर रहे आरईटी शिक्षक पिछले कई वर्षों से सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि सरकार उनके बजट को केंद्र बजट से हटाकर राज्य बजट के साथ जोड़े, ताकि उन्हें समय पर वेतन मिल सके। आरईटी शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए, उनके लिए कोई ठोस ट्रांसफर पालिसी बनाई जाए। पिछले चार से छह महीनों का बकाया वेतन दिया जाए। भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने राज्यपाल से न्याय की अपील करते हुए कहा कि वह जल्द हमारी मांगों को पूरा करें, ताकि हम लोग स्कूलों में जाएं व बच्चों को शिक्षित कर सकें।
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तांत्रे ने बताया कि सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है और उन्हें मजबूर कर रही है कि वह स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बजाय सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करें। उन्होंने बताया कि एसएसए के तहत कार्य कर रहे आरईटी शिक्षक पिछले कई वर्षों से सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि सरकार उनके बजट को केंद्र बजट से हटाकर राज्य बजट के साथ जोड़े, ताकि उन्हें समय पर वेतन मिल सके। आरईटी शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए, उनके लिए कोई ठोस ट्रांसफर पालिसी बनाई जाए। पिछले चार से छह महीनों का बकाया वेतन दिया जाए। भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने राज्यपाल से न्याय की अपील करते हुए कहा कि वह जल्द हमारी मांगों को पूरा करें, ताकि हम लोग स्कूलों में जाएं व बच्चों को शिक्षित कर सकें।
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