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रियासत में बारिश-बर्फबारी जारी, सैकड़ों मकानों को नुकसान
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 19 Mar 2016 09:09 PM IST
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चिनौनी में बारिश से मकान को पहुंचा नुकसान
- फोटो : Amar Ujala
रियासत में तीसरे दिन भी शनिवार को घाटी सहित अन्य कई पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी हुई। सांबा, कठुआ, उधमपुर के अलावा अन्य कई जिलों में ओले पड़ने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। चिनैनी, रियासी, नौशेरा के पहाड़ी क्षेत्रों में 100 से अधिक कच्चे मकानों को क्षति पहुंची है। कई पक्के मकान ढह गए हैं।
खराब मौसम से तीसरे दिन भी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल नहीं हो पाया। हाईवे पर अलग-अलग जगह 550 ट्रक और 50 यात्री वाहन फंसे हुए हैं। बटोत-डोडा राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद है। शनिवार सुबह बारिश से कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा प्रभावित हुई। अगले 48 घंटों में राज्य के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
एसएसपी हाईवे संजय कोतवाल के अनुसार रामबन और बनिहाल के बीच कई जगहों पर पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से बहाल करना मुश्किल हो रहा है। उधमपुर के निकट खैरी में भूस्खलन से बीती रात हाईवे बंद रहा। शनिवार सुबह 10 बजे मलबा हटाकर पत्नीटॉप तक हाईवे खोला जा सका।
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खराब मौसम से तीसरे दिन भी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल नहीं हो पाया। हाईवे पर अलग-अलग जगह 550 ट्रक और 50 यात्री वाहन फंसे हुए हैं। बटोत-डोडा राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद है। शनिवार सुबह बारिश से कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा प्रभावित हुई। अगले 48 घंटों में राज्य के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
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एसएसपी हाईवे संजय कोतवाल के अनुसार रामबन और बनिहाल के बीच कई जगहों पर पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से बहाल करना मुश्किल हो रहा है। उधमपुर के निकट खैरी में भूस्खलन से बीती रात हाईवे बंद रहा। शनिवार सुबह 10 बजे मलबा हटाकर पत्नीटॉप तक हाईवे खोला जा सका।
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सड़क पर गिरे मलबे को हटाती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
गुलमर्ग में पिछले 24 घंटों में तीन फुट तक बर्फ गिरी है। जिला कठुआ के बिलावर के अलावा बनी, मछेड़ी, रामकोट, लाखड़ी, दान जस्तार, महानपुर और अन्य इलाकों में ओले गिरने से गेहूं, सरसों और प्याज की फसलों को नुकसान पहुंचा है। पर्यटक स्थल पत्नीटॉप, नत्थाटाप, जुगधार, शिवगढ़ धार, देराटॉप, स्योजधार में बर्फ के साथ ओले गिरे हैं। चिनैनी में भी ओलावृष्टि हुई।
कुद में करीब छह इंच तक ओलावृष्टि हुई। चिनैनी के साथ लगते गांव लोअर मादा में बीती रात तेज हवाओं से एक मकान में दरारें आ जाने से वह गिर गया। लेकिन, ऐन मौके पर परिवार के सदस्यों के बाहर आने पर वे बच गए। रियासी जिले में करीब 70 कच्चे मकानों को नुकसान होने की सूचना है।
तहसील अरनास के अरनास, हंदर, चलाद, बरला में 22 कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। बिजली गिरने से चंकाह में 150 के करीब भेड़-बकरियों के मारे जाने की सूचना है। नौशेरा में मूसलाधार बारिश से एक मकान ढह गया है। सुंदरबनी में तेज बारिश से दूरदराज के कई इलाकों में सड़कें बह गई हैं। पुंछ जिले के मेंढर में बारिश से हुए नुकसान के विरोध में लोगों ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया।
कारगिल और गुलमर्ग सबसे सर्द
श्रीनगर में 24 घंटों में 52.8, पहलगाम में 40, गुलमर्ग में 44, जम्मू में 0.9, कटड़ा में 14.8, बनिहाल में 69.2, बटोत में 99.6 मिलीमीटर बारिश हुई। कारगिल और गुलमर्ग न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे सर्द रहे।
कुद में करीब छह इंच तक ओलावृष्टि हुई। चिनैनी के साथ लगते गांव लोअर मादा में बीती रात तेज हवाओं से एक मकान में दरारें आ जाने से वह गिर गया। लेकिन, ऐन मौके पर परिवार के सदस्यों के बाहर आने पर वे बच गए। रियासी जिले में करीब 70 कच्चे मकानों को नुकसान होने की सूचना है।
तहसील अरनास के अरनास, हंदर, चलाद, बरला में 22 कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। बिजली गिरने से चंकाह में 150 के करीब भेड़-बकरियों के मारे जाने की सूचना है। नौशेरा में मूसलाधार बारिश से एक मकान ढह गया है। सुंदरबनी में तेज बारिश से दूरदराज के कई इलाकों में सड़कें बह गई हैं। पुंछ जिले के मेंढर में बारिश से हुए नुकसान के विरोध में लोगों ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया।
कारगिल और गुलमर्ग सबसे सर्द
श्रीनगर में 24 घंटों में 52.8, पहलगाम में 40, गुलमर्ग में 44, जम्मू में 0.9, कटड़ा में 14.8, बनिहाल में 69.2, बटोत में 99.6 मिलीमीटर बारिश हुई। कारगिल और गुलमर्ग न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे सर्द रहे।