जम्मू-कश्मीर: घुसपैठ की हर कोशिश नाकाम करने का टारगेट, पुंछ में डीजीपी ने सुरक्षा तंत्र को किया अलर्ट
पुंछ दौरे पर डीजीपी नलिन प्रभात ने सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से सीमा सुरक्षा ग्रिड मजबूत करने पर जोर दिया।
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जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने सीमा पार से होने वाली घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस की सख्त नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को पुंछ जिले के दौरे पर पहुंचे डीजीपी ने स्पष्ट किया कि सीमा से एक भी आतंकी घुसपैठ नहीं कर पाना चाहिए।
डीजीपी ने आईजी जम्मू जोन तेजिंदर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुंछ जिले की सुरक्षा का जायजा लिया। इस दौरान सबसे ज्यादा फोकस पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशंस पर रहा। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में डीजीपी ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि छिपे हुए आतंकियों को खोजकर उनका तुरंत खात्मा किया जाए। इसके लिए सुरक्षाबलों और खुफिया एजेंसियों के बीच सटीक तालमेल व क्षेत्र में कड़ी निगरानी (एरिया डोमिनेशन) बढ़ाने को कहा गया है।
बैठक में सीमा सुरक्षा ग्रिड को इतना मजबूत करने पर जोर दिया गया ताकि आतंकी जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने के अपने किसी भी मंसूबे में कामयाब न हो सकें। उन्होंने पुंछ जिले में ऑपरेशनल हालात, सुरक्षा उपायों और इलाके में छिपे आतंकियों को ट्रैक कर उन्हें नेस्तनाबूद करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति भी जानी।
अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को पूरी तरह से रोकने के लिए सीमा सुरक्षा ग्रिड की मजबूती पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। सुरक्षाबलों को सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सख्ती से निपटने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
रामगढ़ में संदिग्ध कबूतर मिला, एजेंसियां सतर्क
रामगढ़ के सीमावर्ती गांव कुल्लियां शिकां में सोमवार दोपहर एक संदिग्ध कबूतर मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। स्थानीय व्यक्ति के अनुसार कबूतर उसके घर के बाहर रखे पिंजरे पर आकर बैठ गया। पकड़ने पर उसके पैर में रिंग लगी मिली, जिस पर 0313-8919363 अंकित था। सूचना पर सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार रिंग पर अंकित नंबर पाकिस्तान के टेलीफोन कोड से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसियों ने कबूतर और उसके पैर में लगी रिंग जांच के लिए कब्जे में ली है। एजेंसियां रिंग पर दर्ज नंबर समेत पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अभी तक किसी सुरक्षा एजेंसी ने कबूतर को जासूसी या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि से जोड़कर कोई पुष्टि नहीं की है।