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खस्ता हाल एंव कच्ची सड़क से परेशान हैं नियंत्रण रेखा के गांव चोई मनकोट निवासी
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पुंछ। मेंढर में नियंत्रण रेखा से सटे गांव चोई मनकोट निवासी वर्षों से खस्ताहाल एवं कच्ची सड़क के कारण परेशान हैं। सड़क पर हर समय दल दल जमा रहने के कारण ग्रामीणों को कई किलोमीटर पैदल चल कर गांव से बाहर आना जाना पड़ता है।
गांव के बच्चों को भी इस सड़क के कारण स्कूलों तक आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन क्षेत्र में होने वाली पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल होने वाले ग्रामीणों को कंधों पर उठा कर जान हथेली पर रख कर कई किलोमीटर पैदल चल कर गांव के बाहर आना पड़ता है। उसके बाद समय पर गाड़ी या एंबुलेंस मिल गई तो अस्पताल पहुंचे, नहीं तो मरीज की रास्ते में ही मौत हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक दशक पहले गांव के तीन किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इसमें आज तक केवल सड़क की कटाई का ही हो पाई है। पूरी सड़क कच्ची होने की वजह से इस पर जगह-जगह दलदल जमा रहने से गाड़ियां चलना तो दूर पैदल चलना भी कठिन होता है। इससे लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने उपायुक्त और उपराज्यपाल से मांग की है कि इस सड़क के निर्माण में हो रही देरी की जांच कराने के साथ ही इस सड़क जल्दी पक्का किया जाए। चोई मनकोट निवासियों पूर्व सरपंच मोहम्मद खालिद, मुंशी चौधरी और मोहम्मद जहीर का कहना है कि केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए कई प्रकार के कदम उठा रही है, लेकिन यहां इस सड़क को देख कर ही जमीनी हकीकत का पता चलता है कि हमारे इस सीमावर्ती क्षेत्र में लोगों को कितनी सुविधाएं उपलब्ध है।
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गांव के बच्चों को भी इस सड़क के कारण स्कूलों तक आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन क्षेत्र में होने वाली पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल होने वाले ग्रामीणों को कंधों पर उठा कर जान हथेली पर रख कर कई किलोमीटर पैदल चल कर गांव के बाहर आना पड़ता है। उसके बाद समय पर गाड़ी या एंबुलेंस मिल गई तो अस्पताल पहुंचे, नहीं तो मरीज की रास्ते में ही मौत हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक दशक पहले गांव के तीन किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इसमें आज तक केवल सड़क की कटाई का ही हो पाई है। पूरी सड़क कच्ची होने की वजह से इस पर जगह-जगह दलदल जमा रहने से गाड़ियां चलना तो दूर पैदल चलना भी कठिन होता है। इससे लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ती है।
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ग्रामीणों ने उपायुक्त और उपराज्यपाल से मांग की है कि इस सड़क के निर्माण में हो रही देरी की जांच कराने के साथ ही इस सड़क जल्दी पक्का किया जाए। चोई मनकोट निवासियों पूर्व सरपंच मोहम्मद खालिद, मुंशी चौधरी और मोहम्मद जहीर का कहना है कि केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए कई प्रकार के कदम उठा रही है, लेकिन यहां इस सड़क को देख कर ही जमीनी हकीकत का पता चलता है कि हमारे इस सीमावर्ती क्षेत्र में लोगों को कितनी सुविधाएं उपलब्ध है।
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