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दलगत राजनीति से उपर उठ कर पहाड़ी भाषी एक मंच पर हुए एकत्र,जनजाति का दर्जा प्रापत करने के लिए मिल कर संघर्ष की घोषणा
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पुंछ। मेंढर में विभिन्न रविवार को दलों में वर्षों से कार्य कर रहे पहाड़ी भाषी एक मंच पर एकत्र हुए। उन्होंने पहाड़ियों को जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर संघर्ष करने की घोषणा करते हुए प्रण लिया कि वह अब हर हाल में जनजाति का दर्जा प्राप्त करके ही दम लेंगे।
दोपहर को मेंढर डाक बंगला में पहाड़ी भाषियों की तरफ से एक बैठक हुई। इसमें बड़ी संख्या में पहाड़ी भाषी नेताओं ने भाग लेते हुए पहाड़ियों की तरफ से जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन को सफल बनानें के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर विचार विमर्श किया। इस अवसर पर भाजपा, पीडीपी, नेकां, अपनी पार्टी, कांग्रेस पार्टी सहित सभी राजनीतिक दलों के पहाड़ी भाषी नेताओं ने कहा कि अपनी आने वाली पीढ़ियों के उज्जवल भविष्य के लिए अपने-अपने दलों की सीमाओं से बाहर निकाल कर जनजाति का दर्जा प्राप्त करने के लिए जारी संघर्ष में अपना तन मन धन से सहयोग देंगे।
इस अवसर पर सभी दलों से जुड़े पहाड़ी नेताओं ने कहा कि हमारे वोटों के दम पर जो लोग विधायक, विधान परिषद और मंत्री बने वह भी आज पहाड़ियों को जनजाति का दर्जा देने की मांग का विरोध कर रहे हैं। इसे देख कर अब हमें भी इस बात की समझ आ गई है कि हमें अपनी जाति के लिए काम करना है। जब राजनीति की बात होगी तब देखा जाएगा लेकिन जो भी हमारी मांग का विरोध करेगा, हम उसका खुले तौर पर विरोध करेंगे। अपनी वर्षों से चली आ रही मांग को मनवाने के लिए किसी भी हद ताक जाएंगे। इस बार हम पहाड़ियों का जनजाति का दर्जा दिला कर रहेंगे।
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इस अवसर पर पीडीपी नेता वसीम खान, भाजपा नेता एवं पूर्व एमएलसी प्रदीप शर्मा, नेकां नेता मोहम्मद सागर, कांग्रेस नेता परवीन सरवर सहित विभिन्न दलों के दर्जनों नेता उपस्थित रहे।
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दोपहर को मेंढर डाक बंगला में पहाड़ी भाषियों की तरफ से एक बैठक हुई। इसमें बड़ी संख्या में पहाड़ी भाषी नेताओं ने भाग लेते हुए पहाड़ियों की तरफ से जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन को सफल बनानें के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर विचार विमर्श किया। इस अवसर पर भाजपा, पीडीपी, नेकां, अपनी पार्टी, कांग्रेस पार्टी सहित सभी राजनीतिक दलों के पहाड़ी भाषी नेताओं ने कहा कि अपनी आने वाली पीढ़ियों के उज्जवल भविष्य के लिए अपने-अपने दलों की सीमाओं से बाहर निकाल कर जनजाति का दर्जा प्राप्त करने के लिए जारी संघर्ष में अपना तन मन धन से सहयोग देंगे।
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इस अवसर पर सभी दलों से जुड़े पहाड़ी नेताओं ने कहा कि हमारे वोटों के दम पर जो लोग विधायक, विधान परिषद और मंत्री बने वह भी आज पहाड़ियों को जनजाति का दर्जा देने की मांग का विरोध कर रहे हैं। इसे देख कर अब हमें भी इस बात की समझ आ गई है कि हमें अपनी जाति के लिए काम करना है। जब राजनीति की बात होगी तब देखा जाएगा लेकिन जो भी हमारी मांग का विरोध करेगा, हम उसका खुले तौर पर विरोध करेंगे। अपनी वर्षों से चली आ रही मांग को मनवाने के लिए किसी भी हद ताक जाएंगे। इस बार हम पहाड़ियों का जनजाति का दर्जा दिला कर रहेंगे।
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इस अवसर पर पीडीपी नेता वसीम खान, भाजपा नेता एवं पूर्व एमएलसी प्रदीप शर्मा, नेकां नेता मोहम्मद सागर, कांग्रेस नेता परवीन सरवर सहित विभिन्न दलों के दर्जनों नेता उपस्थित रहे।