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Poonch News: ढांगरी नरसंहार के विरोध में पुंछ में रहा पूर्ण एंव सफल बंद,लोगों ने निजी वाहनों को भी सड़कों से रखा दूर
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पुंछ में बंद के दौरान बाजार में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : POONCH
पुंछ। राजोरी के ढांगरी में तीन दिन पहले आतंकियों द्वारा किए गए अल्पसंख्यकों के नरसंहार के विरोध में बुधवार को विभिन्न संगठनों के आह्वान पर पुंछ बंद रहा। इस दौरान लोगों ने निजी वाहनों को भी सड़कों से दूर रखा। यहां तक कि सड़कों पर इक्का दुक्का ही दोपहिया वाहन चलते देखे गए।
बंद के दौरान लोगों ने राजनीति एवं धर्म समुदाय से ऊपर उठ कर आतंकवाद का विरोध किया। गौरतलब है कि ढांगरी नरसंहार के विरोध में जिला सनातन धर्मसभा पुंछ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंगदल, भाजपा और व्यापार मंडल की तरफ पुंछ बंद बुलाया गया था। इसका समर्थन ट्रांसपोर्ट यूनियन, बार एसोसिएशन, जमात अहले सुन्नत, विद्यार्थी परिषद सहित दर्जनों धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों ने किया। इसके चलते सुबह साढ़े पांच बजे सर्दी के बीच विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता पिश्चल सूदन, निशू गुप्ता, निपून खजूरिया, माधव शर्मा, सौरभ सूदन, प्रदीप शर्मा, सतीश सासन की अगुवाई में पुंछ बस अड्डे पर एकत्र हो गए और बीच सड़क में टायर जलाकर चक्का जाम कराते हुए पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आतंकी घटना के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच जैसे-जैसे दिन बढ़ने लगा बस अड्डे पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ भी बढ़ने लगी।
प्रदर्शनकारी रह-रह कर पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। दोपहर एक बजे बस अड्डे पर ही राजोरी आतंकी हमले के खिलाफ एक जनसभा की गई। इसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। अपने संबोधन में एडवोकेट भानू प्रताप, संजीव कुमार, संजय रैना, मोहम्मद जमान, ताज हुसैन मीर, भाजपा नेता सुनील गुप्ता, प्रदीप शर्मा, निशू शर्मा, परविंदर सिंह, जमील ख्वाजा, सोनल सासन, मोहिंद्र प्यासा, नरेंद्र सिंह, अमन डाबर, रोनिक शर्मा और सतीश सासन ने ढांगरी के नरसंहार की निंदा करते हुए कहा कि हम लोगों ने तीस वर्षों में इस आतंकवाद में बहुत कुछ देखा है, लेकिन 15 वर्षों से राजोरी-पुंछ में आतंकी घटनाएं नाममात्र रह गई थीं, लेकिन जो रविवार रात और सोमवार सुबह ढांगरी में आतंकियों ने नापाक हरकत की है। वह निंदनीय और न काबिले बर्दाश्त है। रविवार को जो हुआ सो हुआ, लेकिन सोमवार को जो आईईडी विस्फोट हुआ और तीन मासूम बच्चे जिन्होंने अभी दुनियां भी नहीं देखी थी, वह मारे गए। हम सरकार से इस घटना की जांच की मांग करते हैं। साथ ही हम केंद्र एवं उपराज्यपाल से पुंछ-राजोरी में वीडीसी को और सक्षम बनाने, जिन वीडीसी सदस्यों से बंदूकें वापस ली गई हैं, उनकी बंदूकें लौटाने, जिन घरों में पुरुष सदस्य नहीं हैं उन घरों में महिलाओं को वीडीसी के तौर पर बंदूकें प्रदान करने, वीडीसी को थ्री नाट थ्री बंदूक के बदले स्वचालित बंदूकें प्रदान करने की मांग की गई। इसके साथ ही 15 वर्ष पूर्व जिन क्षेत्रों विशेष कर अल्पसंख्यकों के गांव एवं घरों के पास सुरक्षाबलों की चौकियां होती थीं। वहां फिर से सुरक्षबलों की चौकियां स्थापित की जाएं ताकि आतंकी राजोरी जैसी घटनाएं फिर अंजाम न दे सकें।
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ढांगरी गोलीकांड के पीड़ितों को देखने पूर्व एमएलसी राजोेरी अस्पताल पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। भाजपा महासचिव और पूर्व एमएलसी विबोध गुप्ता ने एक जनवरी को ढांगरी में आतंकवादी हमले में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती लोगों को देखने राजोेरी के राजकीय मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। भाजपा नेता ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रशासन से जीएमसी में भर्ती प्रिंस को जम्मू रेफर करने का आग्रह किया, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं, और विशेष उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज जम्मू में रेफर किया जाना चाहिए जिस पर अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की।
विबोध ने कहा कि प्रशासन की ओर से उन्हें बाद में जम्मू शिफ्ट कर दिया गया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने सरकार से सीमावर्ती बेल्ट और नियंत्रण रेखा के साथ गांवों में सुरक्षा तंत्र को कड़ा करने का भी आग्रह किया, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
ढांगरी घटना के विरोध में आज मेंढर रहेगा बंद
मेंढर। उपजिले में बुधवार को एक बैठक हुई। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख समाज से जुड़े लोगों में सियासी दलों के नेता भी मौजूद रहे। बैठक में कुछ दिन पहले राजोरी के ढांगरी में हिंदू समुदाय के छह लोगों की हत्या कर दी गई। कुछ लोग घायल हो गए। बैठक में हत्याओं को जघन्य अपराध बताते हुए इसकी निंदा करते हुए जामा मस्जिद के इमाम मोहम्मद सुलतान, सनातन धर्मसभा के प्रधान बलराम शर्मा, भापजा नेता सतीश शर्मा ने कहा कि हमारी सेना और पुलिस ऐसी घटनाओं को लेकर काफी चिंतित और होशियार है। हम सबको भी उनके साथ सहायक होना चाहिए। हर किसी को अपने-अपने पड़ोसियों की हिफाजत करनी चाहिए। चाहे वो हिंदू हों या मुस्लिम, ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। बैठक में घटना के विरोध में वीरवार को मेंढर बंद का ऐलान करते हुए इमाम मोहम्मद सुलतान ने कहा कि वीरवार को मेंढर बंद रहेगा और बाजार आदि सब कुछ बंद करके हम इस घटना का विरोध करेंगे।
फोटो
पाकिस्तान में फिर से की जाए सर्जिकल स्ट्राइक
राजोरी के गांवोें में वीडीसी को मजबूत किया जाए
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। पाकिस्तान पर एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने की जरूरत है। उसे ऐसा सबक सिखाया जाए कि वह देश में आतंकवाद फैलाने से बाज आ जाए। राजोरी के वह गांव जहां अल्पसंख्यक रहते हैं, उन्हें आने वाले दिनों में आतंकवादियों से खतरा है। ऐसे गांवोें में विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों को ऑटोमेटिक हथियार मुहैया कराकर वीडीसी को मजबूत किया जाए।
यह बात बुधवार को सनातन धर्म सभा के जिला सचिव निशु गुप्ता ने प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान को उसी की भाषा में सबक सिखाना है तो सरकार को चाहिए कि एक और सर्जिकल स्ट्राइक करे। ताकि वहां आतंकवादियों को ढेर किया जाए। उपराज्यपाल, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अपील करते हुए कहा कि राजोरी के गांवों में अल्पसंख्यकों सुरक्षा प्रदान करने के लिए विलेज डिफेंस कमेटी को मजबूत किया जाए। उन्हें बिना समय गवाएं ऑटोमेटिक हथियार प्रदान किए जाएं। ढांगरी गोलीकांड में 6 लोगों की हत्या की गई। उसे तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
वीडीसी की तरह सिटी डिफेंस कमेटी को किया जाए गठन
राजोरी के गांवों में जल्द सीआरपीएफ की नियुक्ति की जाए
राजोरी। विलेज डिफेंस कमेटी की तर्ज पर सिटी डिफेंस कमेटियां बनाकर शहर में रहने वाले लोगों को भी हथियार मुहैया कराए जाएं ताकि समय आने पर वह आतंकवाद से लड़कर अपनी जिंदगी की रक्षा कर सकें। ऐसी मांगोें को लेकर बुधवार को भाजपा के जिला महासचिव एवं सरपंच रंजीत तारा के नेतृत्व में भाजपा के शिष्टमंडल ने एडिशनल डीजीपी मुकेश सिंह से मुलाकात की। उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा।
रंजीत तारा और अन्य नेताओं ने एडिशनल डीजीपी को बताया कि जिस तरह गांवों में वीडीसी बनाकर लोगों को हथियार दिए जाते हैं ताकि वे आपातकालीन स्थिति में आतंकवादियों का मुकाबला कर सकें, उसी तर्ज पर सिटी डिफेंस कमेटियां बनाकर शहर में रहने वालोें को भी हथियार मुहैया कराने चाहिए, ताकि समय आने पर वह भी आतंकवादियों का मुकाबला कर सकें। रंजीत तारा और अन्य ने कहा कि जिले के ऐसे दूर दराज के गांव जहां पर लोगों को खतरा है, वहां सीआरपीएफ की नियुक्ति की जाए। बिना समय गवाएं तत्काल ही वीडीसी को मजबूत करके उन्हें नए हथियार दिए जाएं। एडीजीपी ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी मांगों को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।
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बंद के दौरान लोगों ने राजनीति एवं धर्म समुदाय से ऊपर उठ कर आतंकवाद का विरोध किया। गौरतलब है कि ढांगरी नरसंहार के विरोध में जिला सनातन धर्मसभा पुंछ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंगदल, भाजपा और व्यापार मंडल की तरफ पुंछ बंद बुलाया गया था। इसका समर्थन ट्रांसपोर्ट यूनियन, बार एसोसिएशन, जमात अहले सुन्नत, विद्यार्थी परिषद सहित दर्जनों धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों ने किया। इसके चलते सुबह साढ़े पांच बजे सर्दी के बीच विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता पिश्चल सूदन, निशू गुप्ता, निपून खजूरिया, माधव शर्मा, सौरभ सूदन, प्रदीप शर्मा, सतीश सासन की अगुवाई में पुंछ बस अड्डे पर एकत्र हो गए और बीच सड़क में टायर जलाकर चक्का जाम कराते हुए पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आतंकी घटना के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच जैसे-जैसे दिन बढ़ने लगा बस अड्डे पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ भी बढ़ने लगी।
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प्रदर्शनकारी रह-रह कर पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। दोपहर एक बजे बस अड्डे पर ही राजोरी आतंकी हमले के खिलाफ एक जनसभा की गई। इसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। अपने संबोधन में एडवोकेट भानू प्रताप, संजीव कुमार, संजय रैना, मोहम्मद जमान, ताज हुसैन मीर, भाजपा नेता सुनील गुप्ता, प्रदीप शर्मा, निशू शर्मा, परविंदर सिंह, जमील ख्वाजा, सोनल सासन, मोहिंद्र प्यासा, नरेंद्र सिंह, अमन डाबर, रोनिक शर्मा और सतीश सासन ने ढांगरी के नरसंहार की निंदा करते हुए कहा कि हम लोगों ने तीस वर्षों में इस आतंकवाद में बहुत कुछ देखा है, लेकिन 15 वर्षों से राजोरी-पुंछ में आतंकी घटनाएं नाममात्र रह गई थीं, लेकिन जो रविवार रात और सोमवार सुबह ढांगरी में आतंकियों ने नापाक हरकत की है। वह निंदनीय और न काबिले बर्दाश्त है। रविवार को जो हुआ सो हुआ, लेकिन सोमवार को जो आईईडी विस्फोट हुआ और तीन मासूम बच्चे जिन्होंने अभी दुनियां भी नहीं देखी थी, वह मारे गए। हम सरकार से इस घटना की जांच की मांग करते हैं। साथ ही हम केंद्र एवं उपराज्यपाल से पुंछ-राजोरी में वीडीसी को और सक्षम बनाने, जिन वीडीसी सदस्यों से बंदूकें वापस ली गई हैं, उनकी बंदूकें लौटाने, जिन घरों में पुरुष सदस्य नहीं हैं उन घरों में महिलाओं को वीडीसी के तौर पर बंदूकें प्रदान करने, वीडीसी को थ्री नाट थ्री बंदूक के बदले स्वचालित बंदूकें प्रदान करने की मांग की गई। इसके साथ ही 15 वर्ष पूर्व जिन क्षेत्रों विशेष कर अल्पसंख्यकों के गांव एवं घरों के पास सुरक्षाबलों की चौकियां होती थीं। वहां फिर से सुरक्षबलों की चौकियां स्थापित की जाएं ताकि आतंकी राजोरी जैसी घटनाएं फिर अंजाम न दे सकें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। भाजपा महासचिव और पूर्व एमएलसी विबोध गुप्ता ने एक जनवरी को ढांगरी में आतंकवादी हमले में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती लोगों को देखने राजोेरी के राजकीय मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। भाजपा नेता ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रशासन से जीएमसी में भर्ती प्रिंस को जम्मू रेफर करने का आग्रह किया, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं, और विशेष उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज जम्मू में रेफर किया जाना चाहिए जिस पर अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की।
विबोध ने कहा कि प्रशासन की ओर से उन्हें बाद में जम्मू शिफ्ट कर दिया गया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने सरकार से सीमावर्ती बेल्ट और नियंत्रण रेखा के साथ गांवों में सुरक्षा तंत्र को कड़ा करने का भी आग्रह किया, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
ढांगरी घटना के विरोध में आज मेंढर रहेगा बंद
मेंढर। उपजिले में बुधवार को एक बैठक हुई। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख समाज से जुड़े लोगों में सियासी दलों के नेता भी मौजूद रहे। बैठक में कुछ दिन पहले राजोरी के ढांगरी में हिंदू समुदाय के छह लोगों की हत्या कर दी गई। कुछ लोग घायल हो गए। बैठक में हत्याओं को जघन्य अपराध बताते हुए इसकी निंदा करते हुए जामा मस्जिद के इमाम मोहम्मद सुलतान, सनातन धर्मसभा के प्रधान बलराम शर्मा, भापजा नेता सतीश शर्मा ने कहा कि हमारी सेना और पुलिस ऐसी घटनाओं को लेकर काफी चिंतित और होशियार है। हम सबको भी उनके साथ सहायक होना चाहिए। हर किसी को अपने-अपने पड़ोसियों की हिफाजत करनी चाहिए। चाहे वो हिंदू हों या मुस्लिम, ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। बैठक में घटना के विरोध में वीरवार को मेंढर बंद का ऐलान करते हुए इमाम मोहम्मद सुलतान ने कहा कि वीरवार को मेंढर बंद रहेगा और बाजार आदि सब कुछ बंद करके हम इस घटना का विरोध करेंगे।
फोटो
पाकिस्तान में फिर से की जाए सर्जिकल स्ट्राइक
राजोरी के गांवोें में वीडीसी को मजबूत किया जाए
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। पाकिस्तान पर एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने की जरूरत है। उसे ऐसा सबक सिखाया जाए कि वह देश में आतंकवाद फैलाने से बाज आ जाए। राजोरी के वह गांव जहां अल्पसंख्यक रहते हैं, उन्हें आने वाले दिनों में आतंकवादियों से खतरा है। ऐसे गांवोें में विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों को ऑटोमेटिक हथियार मुहैया कराकर वीडीसी को मजबूत किया जाए।
यह बात बुधवार को सनातन धर्म सभा के जिला सचिव निशु गुप्ता ने प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान को उसी की भाषा में सबक सिखाना है तो सरकार को चाहिए कि एक और सर्जिकल स्ट्राइक करे। ताकि वहां आतंकवादियों को ढेर किया जाए। उपराज्यपाल, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अपील करते हुए कहा कि राजोरी के गांवों में अल्पसंख्यकों सुरक्षा प्रदान करने के लिए विलेज डिफेंस कमेटी को मजबूत किया जाए। उन्हें बिना समय गवाएं ऑटोमेटिक हथियार प्रदान किए जाएं। ढांगरी गोलीकांड में 6 लोगों की हत्या की गई। उसे तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
वीडीसी की तरह सिटी डिफेंस कमेटी को किया जाए गठन
राजोरी के गांवों में जल्द सीआरपीएफ की नियुक्ति की जाए
राजोरी। विलेज डिफेंस कमेटी की तर्ज पर सिटी डिफेंस कमेटियां बनाकर शहर में रहने वाले लोगों को भी हथियार मुहैया कराए जाएं ताकि समय आने पर वह आतंकवाद से लड़कर अपनी जिंदगी की रक्षा कर सकें। ऐसी मांगोें को लेकर बुधवार को भाजपा के जिला महासचिव एवं सरपंच रंजीत तारा के नेतृत्व में भाजपा के शिष्टमंडल ने एडिशनल डीजीपी मुकेश सिंह से मुलाकात की। उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा।
रंजीत तारा और अन्य नेताओं ने एडिशनल डीजीपी को बताया कि जिस तरह गांवों में वीडीसी बनाकर लोगों को हथियार दिए जाते हैं ताकि वे आपातकालीन स्थिति में आतंकवादियों का मुकाबला कर सकें, उसी तर्ज पर सिटी डिफेंस कमेटियां बनाकर शहर में रहने वालोें को भी हथियार मुहैया कराने चाहिए, ताकि समय आने पर वह भी आतंकवादियों का मुकाबला कर सकें। रंजीत तारा और अन्य ने कहा कि जिले के ऐसे दूर दराज के गांव जहां पर लोगों को खतरा है, वहां सीआरपीएफ की नियुक्ति की जाए। बिना समय गवाएं तत्काल ही वीडीसी को मजबूत करके उन्हें नए हथियार दिए जाएं। एडीजीपी ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी मांगों को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।