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तीसरे दिन देहरागली टाप में छा गई विरानी,सेना ने रणनीति बदलते हुए अपने वाहन हटाए,जवानों की आवाजाही का रास्ता भी बदला
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पुंछ। पुंछ एवं राजोरी जिले की सीमा पर स्थित देरागली टॉप जहां पर दो दिन तक भारी गहमागहमी रही। वहां बुधवार को दोपहर बाद वीरानी सी छा गई। केवल पुंछ से राजोरी अथवा राजोरी से पुंछ की तरफ आने जाने वाले इक्का दुक्का वाहन ही आते जाते नजर आए। दूसरी तरफ राजोरी में भी हालात सामान्य रहे।
ऐसा इसलिए हुआ था कि आतंकियों के खिलाफ चमरेड़ से देरागली तक चलाए जा रहे अभियान को लेकर सेना की तरफ से अपनी रणनीति में बदलवा लाते हुए मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच यहां मौजूद सैना की दर्जनों गाड़ियों को हटा दिया गया। इसके साथ ही आपरेशन पर जाने एवं वहां से आने वाले जवानों की आवाजाही का रास्ता भी सेना ने बदल दिया। इसके कारण धीरे-धीरे देरागली टॉप खाली होता गया। सेना की तरफ से वाहनों को हटाए जाने, जवानों की आवाजाही का रास्ता बदलने के बाद दो दिन से यहां मौजूद जम्मू, राजोरी एवं पुंछ के दर्जनों प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडियाकर्मी भी धीरे-धीरे अपने-अपने क्षेत्र में लौट गए। इससे क्षेत्र में वीरानी छा गई।
गौरतलब है कि सोमवार को सुबह तड़के ही जिले की सुरनकोट तहसील के चमरेड़ क्षेत्र में आतंकियों द्वारा सेना के एक जेसीओ सहित पांच जवानों को शहीद किए जाने की सूचना मिलने के साथ ही देरागली टॉप में सेना के सैकड़ों जवान एवं अधिकारी दर्जनों वाहनों से देरागली टॉप में पहुंच गए थे। उसके बाद उनका आपरेशन स्थल पर जाना और आना यहीं से हो रहा था। बड़ी संख्या में पुलिस एवं एसओजी जवान और अधिकारी भी इसी क्षेत्र में डेरा डाले हुए थे।
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ऐसा इसलिए हुआ था कि आतंकियों के खिलाफ चमरेड़ से देरागली तक चलाए जा रहे अभियान को लेकर सेना की तरफ से अपनी रणनीति में बदलवा लाते हुए मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच यहां मौजूद सैना की दर्जनों गाड़ियों को हटा दिया गया। इसके साथ ही आपरेशन पर जाने एवं वहां से आने वाले जवानों की आवाजाही का रास्ता भी सेना ने बदल दिया। इसके कारण धीरे-धीरे देरागली टॉप खाली होता गया। सेना की तरफ से वाहनों को हटाए जाने, जवानों की आवाजाही का रास्ता बदलने के बाद दो दिन से यहां मौजूद जम्मू, राजोरी एवं पुंछ के दर्जनों प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडियाकर्मी भी धीरे-धीरे अपने-अपने क्षेत्र में लौट गए। इससे क्षेत्र में वीरानी छा गई।
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गौरतलब है कि सोमवार को सुबह तड़के ही जिले की सुरनकोट तहसील के चमरेड़ क्षेत्र में आतंकियों द्वारा सेना के एक जेसीओ सहित पांच जवानों को शहीद किए जाने की सूचना मिलने के साथ ही देरागली टॉप में सेना के सैकड़ों जवान एवं अधिकारी दर्जनों वाहनों से देरागली टॉप में पहुंच गए थे। उसके बाद उनका आपरेशन स्थल पर जाना और आना यहीं से हो रहा था। बड़ी संख्या में पुलिस एवं एसओजी जवान और अधिकारी भी इसी क्षेत्र में डेरा डाले हुए थे।
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