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Poonch News: सुबह साढ़े नौ बजे पुंछ पहुंचेगा बलिदानी का पार्थिव शरीर
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सेना की उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ देंगे श्रद्धांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। राजोरी के कालाकोट के बाजीमाल में आतंकियों से लोहा लेते बलिदान हुए पुंछ के सपूत हवलदार अब्दुल मजीद का पार्थिव शरीर शुक्रवार को करीब 40 घंटों के बाद सुबह साढ़े नौ बजे सेना के हेलिकॉप्टर से पुंछ नगर स्थित सैन्य हवाई अड्डे पर पहुंचेगा। यहां 10 बजे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना और सेना की उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ मुख्यालय की अगुवाई में शहीद को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद पार्थिव शरीर को घर लाया जाएगा।
पुंछ के नियंत्रण रेखा स्थित गांव अजोट निवासी शहीद हवलदार अब्दुल मजीद (33) पुत्र मोहम्मद रशीद सेना की 9 पैरा कमांडो रेजिमेंट में तैनात थे। वह वर्ष 2010 में सेना की जम्मू-कश्मीर लाइट इंफैंट्री रेजिमेंट में भर्ती हुए, जहां से दो वर्ष बाद उनका चयन पैरा कमांडों के लिए हो गया था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ कई अभियानों ने भाग लिया। अब्दुल का भाई मोहम्मद सलीम सउदी अरब में नौकरी करता है। बड़ा बेटा साहिल दूसरी कक्षा में पढ़ता है, छोटा बेटा राहिल पहली कक्षा का छात्र है और बेटी महिरा नर्सरी में पढ़ती है। मजीद की चार बहनें हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। राजोरी के कालाकोट के बाजीमाल में आतंकियों से लोहा लेते बलिदान हुए पुंछ के सपूत हवलदार अब्दुल मजीद का पार्थिव शरीर शुक्रवार को करीब 40 घंटों के बाद सुबह साढ़े नौ बजे सेना के हेलिकॉप्टर से पुंछ नगर स्थित सैन्य हवाई अड्डे पर पहुंचेगा। यहां 10 बजे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना और सेना की उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ मुख्यालय की अगुवाई में शहीद को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद पार्थिव शरीर को घर लाया जाएगा।
पुंछ के नियंत्रण रेखा स्थित गांव अजोट निवासी शहीद हवलदार अब्दुल मजीद (33) पुत्र मोहम्मद रशीद सेना की 9 पैरा कमांडो रेजिमेंट में तैनात थे। वह वर्ष 2010 में सेना की जम्मू-कश्मीर लाइट इंफैंट्री रेजिमेंट में भर्ती हुए, जहां से दो वर्ष बाद उनका चयन पैरा कमांडों के लिए हो गया था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ कई अभियानों ने भाग लिया। अब्दुल का भाई मोहम्मद सलीम सउदी अरब में नौकरी करता है। बड़ा बेटा साहिल दूसरी कक्षा में पढ़ता है, छोटा बेटा राहिल पहली कक्षा का छात्र है और बेटी महिरा नर्सरी में पढ़ती है। मजीद की चार बहनें हैं।
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