{"_id":"637d32b25723b82750652307","slug":"jammu-kashmir-news-poonch-news-jmu272865561","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार जो भी आदेश देगी, उस पर अमल को सेना तैयार: द्विवेदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार जो भी आदेश देगी, उस पर अमल को सेना तैयार: द्विवेदी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुंछ। उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, सरकार जो भी आदेश करेगी उस पर अमल करना सेना का कर्तव्य है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पीओजेके को लेकर हालिया बयान के संदर्भ में द्विवेदी ने कहा, जो आदेश मिलेगा सेना उसके लिए तैयार है। मंगलवार को पुंछ में 75वें पुंछ लिंक अप दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे द्विवेदी ने कहा, रक्षा मंत्री ने पीओजेके को लेकर जो बयान दिया है, उसमें कुछ नया नहीं है। यह बयान उस प्रस्ताव के अनुरूप है, जिसे भारतीय संसद बहुमत से पारित कर चुकी है।
भारत और चीन के बीच मतभेद और उसे लेकर उठाए जाने वाले कदमों के बारे में उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, जून एवं जुलाई में कोर कमांडर स्तर की 16 बैठकें हुईं। सितंबर में हुई बैठक में दोनाें डिवीजनल कमांडरों ने पीपी 15 के मुद्दे को सुलझा लिया। तैनाती कम करने और सैन्य वापसी को लेकर दो मुद्दे अभी भी बाकी हैं। डेपसांग और डेमचोक के मुद्दे सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच होने वाली 17वीं कमांडर स्तरीय बैठक की तिथी निर्धारित हो चुकी है। उम्मीद है दोनों पक्ष संजीदगी से इन मुद्दों को आपसी सहमति से हल कर लेंगे।
पाकिस्तान की तरफ से नियंत्रण रेखा के उस पार से नशीली वस्तुओं को भेजे जाने पर जीओसी इन सी ने कहा, बड़े-बड़े हथियार भेजने से भी मंसूबे पूरे नहीं। यूएन और ओआईसी में कश्मीर का मुद्दा उठाने से कुछ नहीं बना, तो उस पर से भारी मात्रा में नशीली वस्तुओं को भेजा जाने लगा। पिछले वर्ष जून में बारामुला में 45 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी गई। इसके साथ हथियार भी थे। उसी प्रकार हर क्षेत्र में हम नियंत्रण रेखा पर सीमा पर बड़ी मात्रा में नशीली वस्तुएं पकड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत और चीन के बीच मतभेद और उसे लेकर उठाए जाने वाले कदमों के बारे में उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, जून एवं जुलाई में कोर कमांडर स्तर की 16 बैठकें हुईं। सितंबर में हुई बैठक में दोनाें डिवीजनल कमांडरों ने पीपी 15 के मुद्दे को सुलझा लिया। तैनाती कम करने और सैन्य वापसी को लेकर दो मुद्दे अभी भी बाकी हैं। डेपसांग और डेमचोक के मुद्दे सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच होने वाली 17वीं कमांडर स्तरीय बैठक की तिथी निर्धारित हो चुकी है। उम्मीद है दोनों पक्ष संजीदगी से इन मुद्दों को आपसी सहमति से हल कर लेंगे।
विज्ञापन
पाकिस्तान की तरफ से नियंत्रण रेखा के उस पार से नशीली वस्तुओं को भेजे जाने पर जीओसी इन सी ने कहा, बड़े-बड़े हथियार भेजने से भी मंसूबे पूरे नहीं। यूएन और ओआईसी में कश्मीर का मुद्दा उठाने से कुछ नहीं बना, तो उस पर से भारी मात्रा में नशीली वस्तुओं को भेजा जाने लगा। पिछले वर्ष जून में बारामुला में 45 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी गई। इसके साथ हथियार भी थे। उसी प्रकार हर क्षेत्र में हम नियंत्रण रेखा पर सीमा पर बड़ी मात्रा में नशीली वस्तुएं पकड़ रहे हैं।
विज्ञापन