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Poonch News: दसाल स्कूल में 10वीं बार राशन चोरी, मिड डे मील हुआ बंद
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बिश्नाह। बाड़ी ब्राह्मणा ब्लॉक की पंचायत अप्पर कार्थोली के सरकारी प्राइमरी स्कूल में चोरी का मामला सामने आया है। स्कूल में तीन महीने में दसवीं चोरी हुई है। चोर स्कूल से सिलिंडर, भट्टी, तीन वॉटर टैंक, 14 लीटर का प्रेशर कुकर, बड़ा पतीला, 100 स्टील प्लेट्स, 20 गिलास, स्टील जग, छह कटोरी, कड़ाही, बर्तन रखने वाला ड्रम, दो सेट चाय कप, चम्मच, आटा-चावल, दाल और मसाले ले गए हैं।
13 जनवरी की रात चोरी की वारदात हुई है। दो दिन से स्कूल के बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल पाया है। हाल ही में चोरियों की शिकायतें लेकर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी डीसी सांबा और एसएसपी सांबा से मिल चुके हैं, परंतु चोरों को नहीं पकड़ा जा सका है। स्कूल में लगातार हो रही चोरियों को लेकर स्कूल प्रबंधन बच्चों को मिड डे मील बनाकर देने की जगह राशन दे रहा है। अध्यापकों ने बताया कि पांच साल में करीब 25 से 30 बार चोर स्कूल को निशाना बना चुके हैं। मौजूदा सेशन में अप्रैल से लेकर जनवरी तक 10वीं चोरी है। औद्योगिक क्षेत्र में होने के बावजूद भी स्कूल में बार-बार चोरी हो जाती है।
बच्चों से पूछते हैं खाना मिल रहा है या नहीं...और कर लेते हैं चोरी
अध्यापकों ने बताया कि पता चला है कि कई अनजान लोग रास्ते में आते-जाते बच्चों से पूछते हैं कि स्कूल में खाना मिल रहा है क्या। राशन होने की पुष्टि होने पर वारदात को अंजाम दे देते हैं। स्कूल में सितंबर में तीन दिन में चोरी की दो वारदात सामने आई थीं। स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन चोर नहीं पकड़े गए। स्कूल प्रबंधन चोरियां रोकने के लिए असहाय महसूस कर रहा है। चोरियों के चलते स्कूल में हर साल बच्चों के दाखिले में गिरावट आ रही है। निरंतर चोरियों के चलते स्टाफ और बच्चे दहशत में हैं।
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इस बार बड़ी चोरी हुई : प्रधानाचार्या
स्कूल की प्रधानाचार्या सरिता शर्मा ने बताया कि अप्रैल से लेकर जनवरी तक दसवीं चोरी हो चुकी है। इस बार चोरी बड़ी है। पुलिस प्रशासन से लेकर उच्च शिक्षा अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। चोर रसोईघर से संबंधित समान को निशाना बनाते हैं। इस घटना पर पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों को कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
सामान पहुंचने के दूसरे-तीसरे दिन हो जाती चोरी
जेडईपीओ परमंडल राशिद आलम ने बताया कि स्कूल में सामान पहुंचने के दूसरे से तीसरे दिन चोरी हो जाती है। डीसी और एसएसपी तक को चोरियों से अवगत करवाया गया है। चोर स्कूल में डंके की चोट पर चोरी करते हैं। जिला प्रशासन चोरियों के मामलों को लेकर बेबस दिख रहा है। चोरी को अंजाम देने के बाद स्कूल के बच्चों का निवाला छिन जाता है। फैक्ट्री के सीसीटीवी में चोरी की वारदात कैद होती है।
चोरों की पकड़ने की कोशिश कर रहे
एसडीपीओ बाड़ी ब्राह्मणा मुकुंद तिबरवाल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में पीछे जाकर स्कूल स्थापित है। इसके चलते स्कूल को निशाना बनाया जा रहा है। मेरे संज्ञान में दो चोरियों का मामला लाया गया है। मैंने खुद भी स्कूल का दौरा किया है। चोरों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
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13 जनवरी की रात चोरी की वारदात हुई है। दो दिन से स्कूल के बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल पाया है। हाल ही में चोरियों की शिकायतें लेकर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी डीसी सांबा और एसएसपी सांबा से मिल चुके हैं, परंतु चोरों को नहीं पकड़ा जा सका है। स्कूल में लगातार हो रही चोरियों को लेकर स्कूल प्रबंधन बच्चों को मिड डे मील बनाकर देने की जगह राशन दे रहा है। अध्यापकों ने बताया कि पांच साल में करीब 25 से 30 बार चोर स्कूल को निशाना बना चुके हैं। मौजूदा सेशन में अप्रैल से लेकर जनवरी तक 10वीं चोरी है। औद्योगिक क्षेत्र में होने के बावजूद भी स्कूल में बार-बार चोरी हो जाती है।
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बच्चों से पूछते हैं खाना मिल रहा है या नहीं...और कर लेते हैं चोरी
अध्यापकों ने बताया कि पता चला है कि कई अनजान लोग रास्ते में आते-जाते बच्चों से पूछते हैं कि स्कूल में खाना मिल रहा है क्या। राशन होने की पुष्टि होने पर वारदात को अंजाम दे देते हैं। स्कूल में सितंबर में तीन दिन में चोरी की दो वारदात सामने आई थीं। स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन चोर नहीं पकड़े गए। स्कूल प्रबंधन चोरियां रोकने के लिए असहाय महसूस कर रहा है। चोरियों के चलते स्कूल में हर साल बच्चों के दाखिले में गिरावट आ रही है। निरंतर चोरियों के चलते स्टाफ और बच्चे दहशत में हैं।
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इस बार बड़ी चोरी हुई : प्रधानाचार्या
स्कूल की प्रधानाचार्या सरिता शर्मा ने बताया कि अप्रैल से लेकर जनवरी तक दसवीं चोरी हो चुकी है। इस बार चोरी बड़ी है। पुलिस प्रशासन से लेकर उच्च शिक्षा अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। चोर रसोईघर से संबंधित समान को निशाना बनाते हैं। इस घटना पर पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों को कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
सामान पहुंचने के दूसरे-तीसरे दिन हो जाती चोरी
जेडईपीओ परमंडल राशिद आलम ने बताया कि स्कूल में सामान पहुंचने के दूसरे से तीसरे दिन चोरी हो जाती है। डीसी और एसएसपी तक को चोरियों से अवगत करवाया गया है। चोर स्कूल में डंके की चोट पर चोरी करते हैं। जिला प्रशासन चोरियों के मामलों को लेकर बेबस दिख रहा है। चोरी को अंजाम देने के बाद स्कूल के बच्चों का निवाला छिन जाता है। फैक्ट्री के सीसीटीवी में चोरी की वारदात कैद होती है।
चोरों की पकड़ने की कोशिश कर रहे
एसडीपीओ बाड़ी ब्राह्मणा मुकुंद तिबरवाल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में पीछे जाकर स्कूल स्थापित है। इसके चलते स्कूल को निशाना बनाया जा रहा है। मेरे संज्ञान में दो चोरियों का मामला लाया गया है। मैंने खुद भी स्कूल का दौरा किया है। चोरों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है।