{"_id":"683b5db8c27460ecf10163e9","slug":"jammu-kashmir-news-poonch-news-c-165-1-sjam1004-104008-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Poonch News: बर्फबारी के चलते मुगल रोड यातायात के लिए बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Poonch News: बर्फबारी के चलते मुगल रोड यातायात के लिए बंद
Sun, 01 Jun 2025 01:21 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पुंछ
संवाद न्यूज एजेंसी, पुंछ
Updated Sun, 01 Jun 2025 01:21 AM IST
विज्ञापन
पुंछ। राजोरी और पुंछ जिलों को शोपियां के रास्ते कश्मीर से जोड़ने वाली ऐतिहासिक मुगल रोड पर शुक्रवार रात से शनिवार तड़के तक पीर की गली क्षेत्र में ताजा बर्फबारी हुई। इसके बाद इस मार्ग को यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
इस कारण पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के बहरामगल्ला से किसी भी वाहन को कश्मीर की तरफ जाने नहीं दिया गया। सुरनकोट के एसडीएम मो. अजहर और मुगल रोड के यातायात निरीक्षक महरूफ अहमद के अनुसार बर्फबारी के कारण फिसलन की स्थिति के कारण किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियात के तौर पर सड़क को यातायात के लिए बंद किया गया है। उन्होंने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे मौसम में सुधार होने और सड़क को यातायात के लिए सुरक्षित घोषित करने तक मुगल रोड पर यात्रा करने से बचें। संवाद
उधर मई के अंतिम दिन जिले पीर की गली सहित जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी से इन दिनों अपने माल मवेशियों एवं परिवारों सहित पीरपांचाल के पहाड़ों में डेरा जमाए बैठे गुजर बकरवालों की परेशानियां बढ़ गईं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस कारण पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के बहरामगल्ला से किसी भी वाहन को कश्मीर की तरफ जाने नहीं दिया गया। सुरनकोट के एसडीएम मो. अजहर और मुगल रोड के यातायात निरीक्षक महरूफ अहमद के अनुसार बर्फबारी के कारण फिसलन की स्थिति के कारण किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियात के तौर पर सड़क को यातायात के लिए बंद किया गया है। उन्होंने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे मौसम में सुधार होने और सड़क को यातायात के लिए सुरक्षित घोषित करने तक मुगल रोड पर यात्रा करने से बचें। संवाद
विज्ञापन
उधर मई के अंतिम दिन जिले पीर की गली सहित जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी से इन दिनों अपने माल मवेशियों एवं परिवारों सहित पीरपांचाल के पहाड़ों में डेरा जमाए बैठे गुजर बकरवालों की परेशानियां बढ़ गईं हैं।
विज्ञापन