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Poonch News: पुंछ में नागरिक सुरक्षा तंत्र को नया स्वरूप देने की योजना
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पुंछ। जिला पुंछ में नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने और बढ़ावा देने के लिए शनिवार को अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त पंकज मगोत्रा की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें हाल ही में सीमा पार से हुई गोलाबारी को देखते हुए प्रशासन ने बेहतर आपातकालीन तैयारियों और प्रतिक्रिया के लिए जिले में मौजूदा नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को फिर से सक्रिय करने और सुव्यवस्थित करने का निर्णय लिया है।
बैठक में निष्क्रिय सदस्यों को हटाने और सक्रिय और प्रेरित व्यक्तियों के नए नामांकन के लिए समयबद्ध अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। गांव मोड़ा से तहसील स्तर तक एक संरचित तंत्र स्थापित किया जाएगा। जिसमें पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता देते हुए मोड़ा या शहरी वार्ड में कम से कम एक स्वयंसेवक सुनिश्चित किया जाएगा। निकट समन्वय के लिए नायबत और तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। आपातकालीन स्थितियों के दौरान सुरक्षित रखने और उपयोग के लिए चयनित स्वयंसेवकों को बचाव उपकरण और किट भी प्रदान किए जाएंगे। तीन महीने का प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जाएगा ताकि स्वैच्छिक होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, आपदा मित्र, एनसीसी और एनएसएस सहित सभी स्वयंसेवकों को कवर किया जा सके। पुंछ शहर में महत्वपूर्ण सार्वजनिक धार्मिक स्थान जैसे मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद और अस्पताल और नागरिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को आपात स्थिति के दौरान पहचान के लिए चिह्नित किया जाएगा। पहले चरण में तहसील स्तर पर नागरिक सुरक्षा सायरन भी लगाए जाएंगे। जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त, सहायक आयुक्त (राजस्व), डीएसपी नागरिक सुरक्षा-एसडीआरएफ, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, मुख्य वार्डन, निरीक्षक एसडीआरएफ, एनसीसी और एनएसएस प्रभारी और आपदा प्रबंधन राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण पुंछ के सलाहकार शामिल हुए।
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बैठक में निष्क्रिय सदस्यों को हटाने और सक्रिय और प्रेरित व्यक्तियों के नए नामांकन के लिए समयबद्ध अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। गांव मोड़ा से तहसील स्तर तक एक संरचित तंत्र स्थापित किया जाएगा। जिसमें पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता देते हुए मोड़ा या शहरी वार्ड में कम से कम एक स्वयंसेवक सुनिश्चित किया जाएगा। निकट समन्वय के लिए नायबत और तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। आपातकालीन स्थितियों के दौरान सुरक्षित रखने और उपयोग के लिए चयनित स्वयंसेवकों को बचाव उपकरण और किट भी प्रदान किए जाएंगे। तीन महीने का प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जाएगा ताकि स्वैच्छिक होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, आपदा मित्र, एनसीसी और एनएसएस सहित सभी स्वयंसेवकों को कवर किया जा सके। पुंछ शहर में महत्वपूर्ण सार्वजनिक धार्मिक स्थान जैसे मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद और अस्पताल और नागरिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को आपात स्थिति के दौरान पहचान के लिए चिह्नित किया जाएगा। पहले चरण में तहसील स्तर पर नागरिक सुरक्षा सायरन भी लगाए जाएंगे। जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त, सहायक आयुक्त (राजस्व), डीएसपी नागरिक सुरक्षा-एसडीआरएफ, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, मुख्य वार्डन, निरीक्षक एसडीआरएफ, एनसीसी और एनएसएस प्रभारी और आपदा प्रबंधन राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण पुंछ के सलाहकार शामिल हुए।
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