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Poonch News: पुंछ में पीओजेके विस्थापितों ने सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप
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पुंछ। पीओजेके विस्थापितों के अधिकारों के लिए पिछले सात दशक से संघर्ष कर रहे संगठन रिफ्यूजी एकशन कमेटी ने रविवार देर शाम नगर स्थित डाक बंगला में एक बैठक का आयोजन किया। इसमें जिले भर से सैकड़ों की संख्या में विस्थापितों ने भाग लिया।
बैठक की अध्यक्षता दिलबाग सिंह, सुखविन्द्र सिंह और एडवोकेट सुनील कुमार ने की जबकि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट चमन लाल शर्मा मुख्य अतिथि रहे। पीओजेके रिफ्यूजियों ने केंद्र सरकार पर अनदेखी और वादेे पूरे न करने पर रोष जताया। कहा कि हमें मिलकर अपनी मांगों एवं अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। चमल लाल ने कहा कि वेंकैया नायडू की अध्यक्षता में पीओजेके विस्थापितों की मांगों एवं समस्याओं को हल करने के लिए गठित की गई समिति ने प्रत्येक पीओजेके विस्थापित परिवार को तीस-तीस लाख रुपये देने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने केवल साढ़े पांच-पांच लाख रुपये देकर उसे अंतिम सहायता करार दे दिया। यह हमारे साथ ज्यादती है। इसके अलावा उन्होंने पीओजेके विस्थापितों को जमीनों और मकानों का मालिकाना हक देने की मांग की। बैठक में फैसला लिया गया कि पीओजेके विस्थापित अपनी मांगों के लिए फिर से संघर्ष करेंगे। आने वाले दिनों में उप राज्यपाल और केन्द्रीय गृहमंत्री को मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर जुगल किशोर, लक्ष्मीचंद शास्त्री, मायाराम, ओंकार सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।
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बैठक की अध्यक्षता दिलबाग सिंह, सुखविन्द्र सिंह और एडवोकेट सुनील कुमार ने की जबकि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट चमन लाल शर्मा मुख्य अतिथि रहे। पीओजेके रिफ्यूजियों ने केंद्र सरकार पर अनदेखी और वादेे पूरे न करने पर रोष जताया। कहा कि हमें मिलकर अपनी मांगों एवं अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। चमल लाल ने कहा कि वेंकैया नायडू की अध्यक्षता में पीओजेके विस्थापितों की मांगों एवं समस्याओं को हल करने के लिए गठित की गई समिति ने प्रत्येक पीओजेके विस्थापित परिवार को तीस-तीस लाख रुपये देने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने केवल साढ़े पांच-पांच लाख रुपये देकर उसे अंतिम सहायता करार दे दिया। यह हमारे साथ ज्यादती है। इसके अलावा उन्होंने पीओजेके विस्थापितों को जमीनों और मकानों का मालिकाना हक देने की मांग की। बैठक में फैसला लिया गया कि पीओजेके विस्थापित अपनी मांगों के लिए फिर से संघर्ष करेंगे। आने वाले दिनों में उप राज्यपाल और केन्द्रीय गृहमंत्री को मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर जुगल किशोर, लक्ष्मीचंद शास्त्री, मायाराम, ओंकार सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।
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