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सुरनकोट उपजिला अस्पताल में देर रात महिला मरीज की मोत,परिजनों ने चिकित्सकों की लापहरवाही का आरोप लगा किया प्रदर्शन
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पुंछ। उपजिला अस्पताल सुरनकोट में रविवार देर रात उपचार के लिए लाई गई एक महिला मरीज की उपचार के पूर्व ही मौत हो गई। इससे अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और अस्पताल में एक भी डॉक्टर मौजूद न होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
रविवार देर रात्रि सुरनकोट निवासी निलोफर पत्नी अब्दुल हमीद कैंसर से पीड़ित थी। उसकी हालत खराब होने पर परिजन उसे सुरनकोट उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। एक चिकित्सा सहायक मौजूद था, जिसने कैंसर पीड़ित को इंजेक्शन देने में असमर्थता जताई, और जब काफी समय तक कोई भी डॉक्टर मरीज को देखने नहीं पहुंचा। तभी मरीज की मौत हो गई, जिससे गुस्साए परिजनों और कस्बे के लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया।
इसका पता चलते ही क्षेत्र के सरपंच, दोनों डीडीसी सदस्य सोहेल मलिक और शाहनवाज चौधरी के साथ ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में जमा होकर प्रदर्शन में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार लोगों को डॉक्टरों की लापरवाही से बेइलाज मरना है, तो इस अस्पताल को बंद कर देना चाहिए। क्योंकि हम इस प्रकार अपने लोगों को डॉक्टरों की लापरवाही से मरने नहीं देंगे। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की। मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हो रहे प्रदर्शन और तनावपूर्ण स्थिति की जानकारी मिलते ही पुंछ से सीएमओ डॉ. शमीम उन निस्सा बट्टी, एसएसपी रोहित बसकोत्रा और उपायुक्त इंद्रजीत भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर मामले की जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले तथा ड्यूटी से गैर हाजिर होने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। सीएमओ ने वादा किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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रविवार देर रात्रि सुरनकोट निवासी निलोफर पत्नी अब्दुल हमीद कैंसर से पीड़ित थी। उसकी हालत खराब होने पर परिजन उसे सुरनकोट उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। एक चिकित्सा सहायक मौजूद था, जिसने कैंसर पीड़ित को इंजेक्शन देने में असमर्थता जताई, और जब काफी समय तक कोई भी डॉक्टर मरीज को देखने नहीं पहुंचा। तभी मरीज की मौत हो गई, जिससे गुस्साए परिजनों और कस्बे के लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया।
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इसका पता चलते ही क्षेत्र के सरपंच, दोनों डीडीसी सदस्य सोहेल मलिक और शाहनवाज चौधरी के साथ ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में जमा होकर प्रदर्शन में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार लोगों को डॉक्टरों की लापरवाही से बेइलाज मरना है, तो इस अस्पताल को बंद कर देना चाहिए। क्योंकि हम इस प्रकार अपने लोगों को डॉक्टरों की लापरवाही से मरने नहीं देंगे। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की। मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हो रहे प्रदर्शन और तनावपूर्ण स्थिति की जानकारी मिलते ही पुंछ से सीएमओ डॉ. शमीम उन निस्सा बट्टी, एसएसपी रोहित बसकोत्रा और उपायुक्त इंद्रजीत भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर मामले की जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले तथा ड्यूटी से गैर हाजिर होने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। सीएमओ ने वादा किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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