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Poonch News: पुंछ के राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल परिसर में लगी आग
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अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों की तत्परता से बड़ा हादसा टला
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। नगर स्थित राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल परिसर में शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अचानक अस्पताल की वार्ड, लेबर रूम और जनरेटर रूम के बीच के स्थान पर रखे पुराने सामान में आग लग गई। जिससे भारी धुंआ उठने लगा जो नगर में दूर तक दिखाई देने लगा। आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
इस बीच अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद शफीक, सफाई कर्मचारी नन्ना गिल और अस्पताल में पानी चलाने वाले सोनू ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल में पानी की सप्लाई वाली मोटर से आग बुझाने का काम शुरू कर दिया और फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया। जिससे अस्पताल में आग से बड़ा हादसा टल गया। आग से अस्पताल की तीन खिड़कियां जल गईं। हालांकि धुंआ अधिक होने के कारण लेबर रूम से कुछ समय के लिए मरीजों को दूसरी वार्ड में स्थानांतरित किया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद शफीक ने कहा कि पुराने सामान और फाइबर में आग लगी थी, जिसके कारणों की जांच की जाएगी। समय पर आग पर काबू पा लिया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था क्योंकि जहां आग लगी है वह स्थान वार्डों से दस मीटर की दूरी पर है। उसके पास ही जनरेटर रूम और बैटरी सिस्टम लगा है। अगर आग वहां तक फैलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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उधर, अस्पताल में आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी इसलिए मौके पर नहीं पहुंच पाई क्योंकि अस्पताल में जगह जगह अवैध रूप से लोगों ने अपने वाहन खड़े किए थे। आग लगने का कारण किसी तीमारदार द्धारा सिगरेट पीने के बाद उसे अस्पताल की दूसरी मंजिल से नीचे पड़े पुराने सामान एवं फाइबर पर फेंका जाना बताया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। नगर स्थित राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल परिसर में शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अचानक अस्पताल की वार्ड, लेबर रूम और जनरेटर रूम के बीच के स्थान पर रखे पुराने सामान में आग लग गई। जिससे भारी धुंआ उठने लगा जो नगर में दूर तक दिखाई देने लगा। आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
इस बीच अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद शफीक, सफाई कर्मचारी नन्ना गिल और अस्पताल में पानी चलाने वाले सोनू ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल में पानी की सप्लाई वाली मोटर से आग बुझाने का काम शुरू कर दिया और फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया। जिससे अस्पताल में आग से बड़ा हादसा टल गया। आग से अस्पताल की तीन खिड़कियां जल गईं। हालांकि धुंआ अधिक होने के कारण लेबर रूम से कुछ समय के लिए मरीजों को दूसरी वार्ड में स्थानांतरित किया गया।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद शफीक ने कहा कि पुराने सामान और फाइबर में आग लगी थी, जिसके कारणों की जांच की जाएगी। समय पर आग पर काबू पा लिया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था क्योंकि जहां आग लगी है वह स्थान वार्डों से दस मीटर की दूरी पर है। उसके पास ही जनरेटर रूम और बैटरी सिस्टम लगा है। अगर आग वहां तक फैलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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उधर, अस्पताल में आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी इसलिए मौके पर नहीं पहुंच पाई क्योंकि अस्पताल में जगह जगह अवैध रूप से लोगों ने अपने वाहन खड़े किए थे। आग लगने का कारण किसी तीमारदार द्धारा सिगरेट पीने के बाद उसे अस्पताल की दूसरी मंजिल से नीचे पड़े पुराने सामान एवं फाइबर पर फेंका जाना बताया जा रहा है।