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मेंढर में प्रशासन ने आठ कनाल सरकारी भूमि मुक्त कराई
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पुंछ। मेंढर मुख्यालय में प्रशासन एवं राजस्व विभाग ने पुलिस के सहयोग से शनिवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। इस दौरान दो अलग-अलग कार्रवाई में आठ कनाल सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराया। कब्जों से मुक्त कराई गई भूमि की कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर एसडीएम का कहना है कि उपजिला में इस प्रकार के अभियान जारी रखे जाएंगे। हम किसी भी सरकारी जमीन को कब्जे में नहीं रहने देंगे।
शनिवार दोपहर एसडीएम जहांगीर अहमद खान की अगुवाई में राजस्व विभाग और बड़ी संख्या में पुलिस दल के साथ मेंढर कस्बे में निर्माणाधीन मिनी सचिवालय के निकटवर्ती क्षेत्र पहुंचे। जहां राजस्व विभाग की तरफ से एक स्थान पर छह कनाल सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे को मुक्त कराते हुए वहां बनाए गए कच्चे ढांचे को जेसीबी की सहायता से गिराया। उसके उपरांत उस भूमि पर सरकारी भूमि होने का बोर्ड लगा दिया। उसके उपरांत उसी क्षेत्र में दो कनाल सरकारी भूमि को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराते हुए उस पर भी सरकारी भूमि होने और से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का बोर्ड लगा दिया।
एसडीएम का कहना था कि हम किसी भी सरकारी भूमि को अवैध कब्जे में नहीं रहने देंगे। उसी क्रम में आज प्राइम लोकेशन पर हमने आठ कनाल सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। इसकी कीमत करोड़ों में है। क्योंकि मेंढर में इस क्षेत्र में एक मरला जमीन की कीमत दस लाख रुपये है। एसडीएम का यह भी कहना है कि सरकारी जमीनों से इस प्रकार के अवैध कब्जे हटने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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शनिवार दोपहर एसडीएम जहांगीर अहमद खान की अगुवाई में राजस्व विभाग और बड़ी संख्या में पुलिस दल के साथ मेंढर कस्बे में निर्माणाधीन मिनी सचिवालय के निकटवर्ती क्षेत्र पहुंचे। जहां राजस्व विभाग की तरफ से एक स्थान पर छह कनाल सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे को मुक्त कराते हुए वहां बनाए गए कच्चे ढांचे को जेसीबी की सहायता से गिराया। उसके उपरांत उस भूमि पर सरकारी भूमि होने का बोर्ड लगा दिया। उसके उपरांत उसी क्षेत्र में दो कनाल सरकारी भूमि को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराते हुए उस पर भी सरकारी भूमि होने और से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का बोर्ड लगा दिया।
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एसडीएम का कहना था कि हम किसी भी सरकारी भूमि को अवैध कब्जे में नहीं रहने देंगे। उसी क्रम में आज प्राइम लोकेशन पर हमने आठ कनाल सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। इसकी कीमत करोड़ों में है। क्योंकि मेंढर में इस क्षेत्र में एक मरला जमीन की कीमत दस लाख रुपये है। एसडीएम का यह भी कहना है कि सरकारी जमीनों से इस प्रकार के अवैध कब्जे हटने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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