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जम्मू कश्मीर पियूपल मुवमैंट ने पुंछ और मंडी को अलग अगल विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग की
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पुंछ। जम्मू कश्मीर प्यूपल मूवमेंट की पुंछ इकाई की ओर से सोमवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेसवार्ता को पार्टी के जिला प्रधान रिदमप्रीत सिंह ने अन्य पदाधिकारियों के साथ संबोधित करते हुए पुंछ और मंडी को दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग की।
रिदमप्रीत सिंह ने दावा किया कि हाल ही में जम्मू कश्मीर के दौरे पर आए परिसीमन आयोग के सामने भी पार्टी की ओर से इस मुद्दे को उठाया गया है। और, इस बात की लिखित में मांग की गई है। मूवमेंट की तरफ से क्षेत्र के पूर्व विधायकों और विधानसभा सदस्यों के साथ डीडीसी एवं बीडीसी प्रमुखों और सदस्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि वह लोग अपने निजी लाभ को प्राथमिकता देते हैं। उन्हें पुंछ की जनता से कोई सरोकार नहीं है। यह बात उनके परिसीमन आयोग से न मिलने से साबित होती है। जो डीडीसी सदस्य अपने पद और वेतन के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं, वह पुंछ के लोगों की बरसों पुरानी मांग के लिए परिसीमन आयोग से मिलने के लिए नहीं गए। इससे बड़ी अफसोस की और क्या बात हो सकती है?
उन्होंने पुंछ की जनता से क्षेत्र की दो विधानसभाएं बनाने में पार्टी का सहयोग करने की बात कही। रिदमप्रीत ने कहा कि मंडी और पुंछ दोनों ही क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, रहन-सहन एवं भाषा भिन्न है। इसलिए, इन्हें तो काफी पहले ही अलग कर दिया जाना चाहिए था। अब जब केंद्र सरकार की तरफ से जम्मू कश्मीर का परिसीमन कर सात विधानसभा क्षेत्र बढ़ाए जाने हैं, तो उसमें सबसे पहला अधिकार पुंछ के लोगों को मिलना चाहिए।
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रिदमप्रीत सिंह ने दावा किया कि हाल ही में जम्मू कश्मीर के दौरे पर आए परिसीमन आयोग के सामने भी पार्टी की ओर से इस मुद्दे को उठाया गया है। और, इस बात की लिखित में मांग की गई है। मूवमेंट की तरफ से क्षेत्र के पूर्व विधायकों और विधानसभा सदस्यों के साथ डीडीसी एवं बीडीसी प्रमुखों और सदस्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि वह लोग अपने निजी लाभ को प्राथमिकता देते हैं। उन्हें पुंछ की जनता से कोई सरोकार नहीं है। यह बात उनके परिसीमन आयोग से न मिलने से साबित होती है। जो डीडीसी सदस्य अपने पद और वेतन के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं, वह पुंछ के लोगों की बरसों पुरानी मांग के लिए परिसीमन आयोग से मिलने के लिए नहीं गए। इससे बड़ी अफसोस की और क्या बात हो सकती है?
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उन्होंने पुंछ की जनता से क्षेत्र की दो विधानसभाएं बनाने में पार्टी का सहयोग करने की बात कही। रिदमप्रीत ने कहा कि मंडी और पुंछ दोनों ही क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, रहन-सहन एवं भाषा भिन्न है। इसलिए, इन्हें तो काफी पहले ही अलग कर दिया जाना चाहिए था। अब जब केंद्र सरकार की तरफ से जम्मू कश्मीर का परिसीमन कर सात विधानसभा क्षेत्र बढ़ाए जाने हैं, तो उसमें सबसे पहला अधिकार पुंछ के लोगों को मिलना चाहिए।
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